मुर्दों से प्रेम निभाने वाली क्रांतिकारी शालू सैनी कर चुकी है 6000 हजार से ज्यादा अंतिम संस्कार
–ज्येष्ठ अमावस्या पर किया करीब 500 अस्थियों का विसर्जन मुजफ्फरनगर। कहते हैं कि जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है। लेकिन धरातल पर इस बात को सच कर दिखाया…










