देहरादून, 22 जुलाई । खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने देहरादून के ईस्ट होप टाउन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए नकली दवाओं के कारोबार का खुलासा किया है। विभाग ने एक मकान से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और दवा निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं।
विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत प्रदेशभर में नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के आदेश और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
विभाग को मिली सूचना के आधार पर बुधवार को उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग और स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्राम देवीपुर, ईस्ट होप टाउन, परवल स्थित एक मकान में छापेमारी की गई। जांच के दौरान परिसर से प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम से तैयार की गई नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बरामद हुईं।
अधिकारियों के अनुसार बरामद दवाओं में ईंटास, मैकलियोड्स और डॉ.रेड्डीज जैसी कंपनियों के नाम से तैयार की गई दवाएं शामिल हैं। इनमें टैबलेट गैबापिन-100,जोरील एम-2 और सेफोलैक-200 सहित अन्य दवाएं मिली हैं।
प्रारंभिक जांच में मामले के तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की संभावना जताई गई है। विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग के साथ समन्वय कर अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच की जा रही है। मामले में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मनेंद्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी विधिक कार्रवाई कर रहे हैं।
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने बताया कि नकली दवाओं का कारोबार जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि नकली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान की रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसके खिलाफ कार्रवाई करना है।
