पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, चार गिरफ्तार
नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना पुलिस ने अपराध की दुनिया में बड़ा भूचाल लाते हुए ऐसे अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली-एनसीआर से करोड़ों रुपये की लग्जरी गाड़ियां चोरी कर उनके इंजन और चेसिस नंबर बदलता था, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उन्हें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ मणिपुर के रास्ते म्यांमार (बर्मा) तक बेच देता था। पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरोह का एक शातिर बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके तीन साथियों को कॉम्बिंग के दौरान दबोच लिया गया। गिरोह के कब्जे से पांच चोरी की लग्जरी और अन्य वाहन, अवैध हथियार, फर्जी नंबर प्लेट तथा वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

बताया गया कि थाना बुढ़ाना पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान खुफिया विभाग से सूचना मिली कि दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी वाहन चोरी करने वाला गिरोह विज्ञाना मार्ग स्थित एक खंडहर में चोरी की गाड़ियां छिपाकर उन्हें बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दी।
जैसे ही पुलिस टीम संदिग्ध स्कॉर्पियो के पास पहुंची, उसमें बैठे बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें गिरोह का सरगना राजू सिंह उर्फ नेपाली उर्फ योगेश घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कॉम्बिंग अभियान चलाकर उसके तीन अन्य साथियों अनिल, आसिफ कमाल उर्फ दादा और मोहित कौशिक को भी गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर खंडहर में छिपाकर रखी गई एक महिंद्रा थार, एक महिंद्रा स्कॉर्पियो, दो मारुति सुजुकी ब्रेजा और एक ऑल्टो कार बरामद की गई। इसके अलावा दो अवैध तमंचे 315 बोर, तीन जिंदा और तीन खोखा कारतूस, फर्जी नंबर प्लेट तथा वाहन चोरी में प्रयुक्त एक्स-टूल डिवाइस, केबल, पेचकस, प्लास और अन्य उपकरण भी पुलिस ने बरामद किए।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका संगठित गिरोह दिल्ली-एनसीआर से महंगी एसयूवी और लग्जरी वाहन चोरी करता था। चोरी के बाद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर बदल दिए जाते थे तथा फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उन्हें पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, मणिपुर सहित कई राज्यों में बेचा जाता था। गिरोह का सदस्य आसिफ कमाल इन वाहनों को मणिपुर के रास्ते म्यांमार पहुंचाकर ऊंचे दामों में बेचता था। बिक्री से मिलने वाली रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस का मानना है कि इस खुलासे से अंतरराज्यीय वाहन चोरी के बड़े नेटवर्क की कई और परतें खुल सकती हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार चारों आरोपी पहले से ही कई राज्यों में वाहन चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार और अन्य गंभीर मामलों में वांछित एवं अभियुक्त रहे हैं। इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, झारखंड समेत विभिन्न राज्यों के कई थानों में अनेक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों, चोरी के वाहनों के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी गहन जांच कर रही है। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने थाना बुढ़ाना पुलिस टीम की सराहना करते हुए उत्कृष्ट कार्य के लिए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की।
