कलश यात्रा, श्रीराम कथा, गुरु पूजन, भजन संध्या और महाप्रसाद के साथ सात दिन तक बहेगी भक्ति की अविरल धारा

जोनी शर्मा

मुजफ्फरनगर। सनातन संस्कृति, गुरु परंपरा और श्रीराम भक्ति के दिव्य संगम का साक्षी बनने जा रहा मुजफ्फरनगर आगामी 21 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले श्री रामकथायुक्त एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव के माध्यम से पूरी तरह राममय नजर आएगा। इस सात दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव में प्रतिदिन श्रीराम कथा, गुरु महिमा का वर्णन, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और विशाल महाप्रसाद का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
रविवार को मनु स्वीट्स के स्वामी ने एसडी मार्किट स्थित सनातन सभा में मीडिया सेंटर के पत्रकारों से वार्ता करते हुए महोत्सव की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, गुरु परंपरा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला एक विराट आध्यात्मिक उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज को संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना की आवश्यकता है, ऐसे आयोजन लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस दौरान समिति के अध्यक्ष अश्वनी रहेजा ने बताया कि 21 जुलाई को सुबह भव्य कलश यात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। सैकड़ों श्रद्धालु, महिलाएं और युवतियां सिर पर कलश धारण कर भगवान श्रीराम के जयघोष और भजन-कीर्तन के बीच नगर भ्रमण करेंगी। इसके बाद प्रतिदिन प्रातःकालीन धार्मिक अनुष्ठान एवं सायंकाल श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, सेवा और धर्म की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। वही सचिव ईश कौशल ने बताया गया कि 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विशेष गुरु पूजन, आशीर्वाद समारोह, पूर्णाहुति, हवन, विशाल भंडारा एवं महाप्रसाद का आयोजन होगा। श्रद्धालु अपने गुरुओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा को आगे बढ़ाएंगे, जिसमें गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है। उपाध्यक्ष शोभित गुप्ता ने कहा कि गुरु ही जीवन का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं, जबकि भगवान श्रीराम का चरित्र सत्य, मर्यादा, त्याग और मानवता का सर्वोच्च आदर्श प्रस्तुत करता है। यही कारण है कि श्रीराम कथा और गुरु पूर्णिमा का यह संयुक्त आयोजन प्रत्येक श्रद्धालु के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुपम अवसर बनेगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और प्रसाद वितरण सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विभिन्न समितियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि कार्यक्रम पूरी गरिमा, अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न हो सके।
इस दौरान आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने जिले और आसपास के क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने परिवार सहित इस दिव्य आयोजन में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करें, गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा सनातन संस्कृति के इस महापर्व को सफल बनाने में सहभागी बनें। उनका कहना था कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला एक ऐतिहासिक महोत्सव साबित होगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, केबिनेट मंत्री अनिल कुमार, सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राकेश शर्मा वरिष्ठ सपा नेता, भीमसैन कांसल, गौरव स्वरूप एवं सतीश गर्ग मौजूद रहेंगे।

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