उत्तराखंड के चमोली में जोशीमठ के पास बद्रीनाथ नेशनल हाईवे 7 पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया है, जिसकी वजह से गाड़ियों का आना-जाना लगभग ठप हो गया है। हालात को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने अपने जवानों को तैनात किया है। गाड़ियों के इस भारी दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने हर 30 मिनट के अंतराल पर एकतरफा गाड़ियों को निकालने का फैसला किया है, जिसके लिए एक इमरजेंसी ‘टोकन-आधारित गेट सिस्टम’ शुरू किया गया है।
रोजाना पहुंच रहे हजारों तीर्थयात्री
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया, “अभी लगभग 30,000 से 35,000 तीर्थयात्री रोजाना श्री बद्रीनाथ धाम जा रहे हैं, और 5,000 से 10,000 अन्य श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की ओर बढ़ रहे हैं। तीर्थयात्रियों की इस भारी संख्या की वजह से हमारे मौजूदा नेशनल और स्टेट हाईवे पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है।”
जमीन धंसने से सड़कें हुई थीं खराब
सड़कों की स्थिति पर बात करते हुए एसपी ने बताया कि विशेष रूप से जोशीमठ, मारवाड़ी और विष्णुप्रयाग के बीच सड़क का करीब 10 किलोमीटर का हिस्सा बहुत खराब हालत में है। कुछ साल पहले जोशीमठ इलाके में जमीन धंसने की जो प्राकृतिक आपदा आई थी, उसने वहाँ की सड़क व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था। बुनियादी ढांचे की इन्हीं चुनौतियों और संकरे रास्तों को देखते हुए प्रशासन को यह बड़ा फैसला लेना पड़ा।
दर्शन के साथ इंतजार कर सकेंगे श्रद्धालु
पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक सुनियोजित ‘वन-वे ट्रैफिक सिस्टम’ लागू किया है। इसके तहत जोशीमठ में नरसिंह मंदिर के पास एक व्यवस्थित ‘गेट सिस्टम’ बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा, “चूंकि यह गेट सिस्टम ठीक मंदिर के पास है, इसलिए श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए आसानी से रुक सकते हैं और पवित्र मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। हमारा यह ट्रैफिक प्लान जमीन पर बहुत असरदार साबित हो रहा है।”
