लोकमान्य तिलक एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती श्रद्धा, गौरव और उत्साह के साथ मनाई गई
नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। भगवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी, मुजफ्फरनगर में आज राष्ट्रनायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। प्रार्थना सभा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं समस्त विद्यालय परिवार ने दोनों महान विभूतियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विद्यालय की आचार्या श्रीमती दुर्गेश नंदिनी कौशिक ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के अदम्य साहस, अद्वितीय देशभक्ति एवं त्यागमय जीवन का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड से उत्पन्न राष्ट्रीय चेतना, बनारस में गिरफ्तारी, हरी घाट की अदालत में उनके निर्भीक उत्तर, चौरी-चौरा कांड के प्रभाव, युवा क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल के साथ उनके क्रांतिकारी जीवन, हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के गठन, क्रांतिकारी गतिविधियों के दौरान डकैती एवं लूट के पश्चात उद्देश्य स्पष्ट करने वाली पर्चियां छोड़ने की परंपरा, काकोरी कांड तथा केंद्रीय विधानसभा में बम विस्फोट जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे अमर सपूतों का जीवन आज भी युवाओं के लिए साहस, राष्ट्रनिष्ठा और आत्मबल का अनुपम प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्रीमती दीप्ति तिवारी ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके अमर उद्घोष स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने ‘बाल-पाल-लाल’ की त्रयी का उल्लेख करते हुए तिलक जी के राष्ट्रजागरण, सामाजिक चेतना एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अतुलनीय योगदान से विद्यार्थियों को परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों, राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा एवं स्वाभिमान को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में समस्त विद्यालय परिवार ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। संपूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, अनुशासन एवं प्रेरणादायी वातावरण से ओत-प्रोत रहा।
