2024 के लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और कांग्रेस के बीच विवाद गहराता जा रहा है। राहुल गांधी ने बेंगलुरु की एक विधानसभा सीट पर बड़े पैमाने पर वोटिंग में गड़बड़ी का दावा किया। आयोग ने राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘वोट चोरी’ जैसे “गंदे” शब्दों का इस्तेमाल कर झूठी कहानी गढ़ने के बजाय, उन्हें ठोस सबूत पेश करने चाहिए।

चुनाव आयोग ने कहा

चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, “भारत के करोड़ों वोटर्स और लाखों चुनाव कर्मचारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाना अनुचित है। वोट चोरी जैसे शब्दों का इस्तेमाल न सिर्फ भ्रामक है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की नींव पर सीधा हमला है।” आयोग ने आगे कहा कि भारत में ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ का सिद्धांत 1951-52 के पहले आम चुनाव से लागू है और यदि किसी को किसी व्यक्ति द्वारा दो बार वोट डालने की जानकारी है, तो वह बिना सभी वोटर्स को बदनाम किए, हलफनामे के साथ सबूत चुनाव आयोग को सौंपे।

एक लाख वोट चोरी का आरोप

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक वोट चोरी हुए, जिसके चलते कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। राहुल ने यह दावा चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किया। हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा सबूत मांगे जाने के बावजूद राहुल गांधी ने कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया। राहुल का कहना है कि “यह डेटा चुनाव आयोग का है, मेरा नहीं, और मुझसे उस पर दस्तखत करने की अपेक्षा करना गलत है। आयोग मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।”

कांग्रेस निकालेगी ‘वोटर अधिकार यात्रा’

राहुल गांधी ने यह भी ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी 17 अगस्त से बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकालेगी। यह यात्रा बिहार में हाल ही में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ निकाली जा रही है। राहुल ने इस अभियान को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई बताया और देशवासियों से इसमें शामिल होने की अपील की।

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