नीरज प्रजापति
डीएवी कॉलेज के 11 बूथों पर मतदान के बीच सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने उठाए सवाल, चुनाव का रुख प्रभावित करने और अधिकारियों से मिलीभगत के लगाए आरोप
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज रोड स्थित डीएवी कॉलेज में एमएलसी शिक्षक-स्नातक चुनाव के दौरान मतदान के बीच सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल पर बूथ कैप्चरिंग की कोशिश करने और चुनाव को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए। कॉलेज में बनाए गए 11 बूथों पर मतदान जारी रहने के दौरान लगाए गए इन आरोपों ने चुनावी सरगर्मी बढ़ा दी। सपा जिलाध्यक्ष ने निर्वाचन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग उठाई। जिया चौधरी ने आरोप लगाया कि राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने चीफ इलेक्शन एजेंट होने की आड़ में बूथ के अंदर घंटों समय बिताया। सपा जिलाध्यक्ष के मुताबिक, यह सब चुनाव का रुख अपने पक्ष में करने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति का लंबे समय तक बूथ के भीतर मौजूद रहना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा करता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने एडीएम (अपर निर्वाचन अधिकारी) और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए। उनका कहना था कि मतदान केंद्र पर निष्पक्षता बनाए रखना निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी पक्ष को नियमों के उल्लंघन की शिकायत है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सपा की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मतदान केंद्र की व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिया चौधरी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी को एमएलसी चुनाव में अपनी हार दिखाई दे रही है, जिसके चलते उसके लोग बौखलाए हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में अपना परचम लहराने के लिए बूथ कैप्चर करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसे नाकाम कर दिया। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं करेगी और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्यकर्ता सतर्क हैं।
