नीरज प्रजापति
पंजीकरण और शैक्षिक योग्यता के दस्तावेज नहीं दिखा सके संचालक, इस्लामनगर व सद्दीक नगर में अहमद क्लीनिक समेत दो संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई।
मुजफ्फरनगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर बिना वैध पंजीकरण और जरूरी शैक्षिक योग्यता के कथित तौर पर चिकित्सा संस्थान संचालित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को खतौली क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की विशेष जांच टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित पाए गए क्लीनिकों पर शिकंजा कस दिया। जांच के दौरान आवश्यक अभिलेख और वैध पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले संस्थानों के खिलाफ नोटिस जारी करने के साथ सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना मानकों के चल रहे चिकित्सा केंद्रों के संचालकों में खलबली मच गई।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर सोमवार, 2 नवंबर को यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य ऐसे क्लीनिक, अस्पताल, नर्सिंग होम, डेंटल सेंटर और पैथोलॉजी लैब की जांच करना था, जिनके संचालन को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खतौली के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पहुंचकर चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण, संचालकों की शैक्षिक योग्यता तथा जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की। ब्लॉक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर संचालक वैध पंजीकरण और अपनी शैक्षिक योग्यता से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। अधिकारियों को संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला। इसके बाद विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। खतौली नगरीय क्षेत्र के मोहल्ला इस्लामनगर और सद्दीक नगर में स्थित क्लीनिकों को जांच के दायरे में लेते हुए नोटिस जारी किए गए तथा सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। विभागीय कार्रवाई में अहमद क्लीनिक और प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर क्लीनिक शामिल रहे। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर क्षेत्र में संचालित चिकित्सा केंद्रों की वैधता और मरीजों की सुरक्षा का सवाल सामने ला दिया है। बिना योग्य चिकित्सक, पंजीकरण और आवश्यक मानकों के चिकित्सा सेवाएं संचालित होने की आशंका मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में विभाग की जांच को आम लोगों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि अपंजीकृत चिकित्सा संस्थानों के संचालन को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके आसपास कोई क्लीनिक, अस्पताल या पैथोलॉजी लैब बिना वैध पंजीकरण के संचालित होती दिखाई दे तो उसकी शिकायत जन शिकायत ऐप के माध्यम से दर्ज कराएं।
