नीरज प्रजापति
अतिक्रमण, अवैध ई-रिक्शाओं और ठेलों से बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर अधिकारियों को घेरा, चालान के नाम पर कथित वसूली और आम लोगों के उत्पीड़न पर जताई नाराजगी; सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी ट्रैफिक से मिलकर कार्रवाई की मांग।
मुजफ्फरनगर। शहर की सड़कों पर जाम का झाम, जगह-जगह अतिक्रमण और अवैध ई-रिक्शाओं की भरमार से जूझ रही जनता की परेशानी को लेकर शिवसेना ने प्रशासन के सामने मोर्चा खोल दिया है। यातायात व्यवस्था में सुधार के बजाय आम लोगों के चालान काटने की कार्रवाई को लेकर शिवसेना नेताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी ट्रैफिक से मुलाकात कर शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था का मुद्दा उठाया और चालान के नाम पर आम जनता के कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। जिलाप्रमुख मुकेश त्यागी और जिला महासचिव देवेंद्र चौहान के नेतृत्व में पहुंचे शिवसेना प्रतिनिधिमंडल ने एसपी ट्रैफिक के सामने यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। नेताओं का आरोप था कि शहर में अवैध ई-रिक्शाओं और सड़कों पर लगने वाले ठेलों के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मुख्य मार्गों और बाजारों में लोगों को घंटों परेशान होना पड़ता है, लेकिन इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं देती। शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि यातायात पुलिस का ध्यान जाम खुलवाने, अतिक्रमण हटवाने और अव्यवस्थित वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण करने के बजाय आम नागरिकों के भारी-भरकम चालान काटने पर अधिक केंद्रित दिखाई देता है। उन्होंने चालान के नाम पर कथित अवैध उगाही और जनता के शोषण की शिकायतों पर भी गंभीर नाराजगी जताई। प्रतिनिधिमंडल ने त्योहारों के दौरान यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। शिवसेना नेताओं का कहना था कि हिंदू त्योहार आते ही यातायात पुलिस की सक्रियता बढ़ जाती है, लेकिन व्यवस्था सुधारने के बजाय आम लोगों के चालान काटने की कार्रवाई तेज हो जाती है। उन्होंने एसपी ट्रैफिक से इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी ट्रैफिक ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी शिकायतों और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। शिवसेना नेताओं ने स्पष्ट किया कि शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त होना और आम जनता को अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलना जरूरी है। इस दौरान जिला प्रमुख संजीव वर्मा, नरेंद्र ठाकुर, मंगतराम सोनकर, विकास पुंडीर, महानगर उपाध्यक्ष उज्ज्वल पंडित, सत्यम प्रधान, प्रभात रावत, राजेश अरोड़ा और दाताराम सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
