नीरज प्रजापति

मुजफ्फरनगर में नामी स्टोर की खाद्य गुणवत्ता पर भूचाल, बच्चे के लिए खरीदी चॉकलेट में निकले कीड़े, शिकायत पर खुली दूसरी चॉकलेट तो उसमें भी दिखी फंगस, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर पहुंचकर उत्पाद कब्जे में लिया।

मुजफ्फरनगर। चमचमाते शोरूम, बड़े-बड़े दावे और ब्रांडेड सामान की गारंटी! लेकिन अगर इसी भरोसे के बीच बच्चों के खाने की चॉकलेट में कीड़े निकलने लगें तो ग्राहकों का विश्वास आखिर किस पर कायम रहे? मुजफ्फरनगर के लिंक रोड स्थित स्मार्ट बाजार में सामने आए एक चौंकाने वाले मामले ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर हड़कंप मचा दिया है। एक ग्राहक ने आरोप लगाया कि बच्चे के लिए खरीदी गई कैडबरी बॉर्नविल चॉकलेट में कीड़े मौजूद थे। मामला यहीं नहीं थमा, शिकायत के बाद कर्मचारियों के सामने दूसरी चॉकलेट खोली गई तो उसमें भी फंगस जैसी स्थिति मिलने का दावा किया गया। घटना की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर संबंधित उत्पाद को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मामले के मुताबिक, पीड़ित ग्राहक अमजद सैफी ने स्मार्ट बाजार से अपने बच्चे के लिए कैडबरी बॉर्नविल चॉकलेट खरीदी थी। रात में जब बच्चे ने चॉकलेट खोली और खाना शुरू किया तो उसका स्वाद असामान्य लगा। बच्चे की परेशानी देखकर पिता ने चॉकलेट अपने हाथ में ली और खुद चखकर देखी। उन्हें भी चॉकलेट में गड़बड़ी महसूस हुई। इसके बाद रोशनी में चॉकलेट को बारीकी से देखने पर उसमें कीड़े दिखाई देने का आरोप लगाया गया। अगली सुबह अमजद सैफी शिकायत लेकर स्मार्ट बाजार पहुंचे। ग्राहक का आरोप है कि शुरुआत में कर्मचारियों ने मामले को टालने और गुमराह करने का प्रयास किया। जब उन्होंने कर्मचारियों के सामने उसी ब्रांड की दूसरी चॉकलेट खुलवाई तो उसमें भी फंगस लगी होने जैसी स्थिति सामने आई। लगातार दो चॉकलेट को लेकर उठे सवालों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। मामले की जानकारी मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने संबंधित चॉकलेट को खोलकर उसकी स्थिति देखी और उत्पाद के नमूने व संबंधित सामान को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। अब जांच के जरिए चॉकलेट की गुणवत्ता, खराब होने के संभावित कारणों और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार है। इस घटना ने उन अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है, जो बड़े बाजारों और प्रतिष्ठित स्टोर से बच्चों के लिए पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते हैं। सवाल है कि यदि ग्राहक के आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो ऐसी सामग्री बिक्री तक कैसे पहुंची? उत्पाद के भंडारण और गुणवत्ता की निगरानी किसकी जिम्मेदारी है। पीड़ित अमजद सैफी ने स्मार्ट बाजार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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