नीरज प्रजापति
-93वीं जयंती पर पूर्व कैबिनेट मंत्री के विकास कार्यों को किया याद, स्टेडियम के नामकरण या प्रतिमा स्थापित करने की मांग की
-कांग्रेस नेता हरीश भूषण बोले कि शहर के विकास में विद्या भूषण की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता
मुजफ्फरनगर। शहर के विकास में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता स्व. विद्या भूषण के योगदान को याद करते हुए उनकी 93वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंगलवार को मेरठ रोड स्थित रेनबो विहार में स्व. विद्या भूषण के आवास पर कांग्रेस सेवादल के प्रदेश सचिव हरीश भूषण ने मीडिया सेंटर के पत्रकारों से वार्ता करते हुए उनके कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों को सामने रखा। इस दौरान उन्होंने मेरठ रोड का नाम बदलकर ‘विद्या भूषण मार्ग’ किए जाने की मांग उठाई।
हरीश भूषण ने कहा कि स्व. विद्या भूषण ने मुजफ्फरनगर के विकास को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य कराए थे। उनके अनुसार शहर कोतवाली के बाहर बाजार में निजी धनराशि से दुकानों का निर्माण कराकर बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इसी प्रकार घास मंडी में भी बाजार विकसित कराया गया, जबकि कमल टॉकीज के बाहर दुकानों का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण कराना नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि स्व. विद्या भूषण ने मुजफ्फरनगर में खेल सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया। उनके कार्यकाल से जुड़े पुराने प्रकाशित संदर्भों में स्टेडियम, शहर कोतवाली मार्केट, एसडी कॉलेज मार्केट और अन्य विकास कार्यों का उल्लेख मिलता है। हरीश भूषण ने दावा किया कि शहर में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे और मुजफ्फरनगर को दो चीनी मिलें मिलीं।
सबसे प्रमुख मांग स्टेडियम को लेकर उठाई गई। हरीश भूषण ने कहा कि जिस स्टेडियम के निर्माण में स्व. विद्या भूषण की भूमिका रही, उसका नाम वर्तमान में चौधरी चरण सिंह के नाम से जाना जाता है। उन्होंने मांग रखी कि स्टेडियम का नाम स्व. विद्या भूषण के नाम पर किया जाए। यदि नाम परिवर्तन संभव न हो तो परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान को स्थायी रूप से सम्मान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के इतिहास में स्व. विद्या भूषण की राजनीतिक और विकासात्मक भूमिका को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार जिस व्यक्ति ने शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए, उसकी स्मृति को सार्वजनिक स्थलों और संस्थानों के माध्यम से जीवित रखना सम्मान का विषय है। वहीं हरीश भूषण ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी कांग्रेस के सत्ता में पूर्ण बहुमत के साथ आने का दावा किया। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और चुनाव आयोग की तैयारियां जारी हैं। हरीश भूषण ने कहा कि स्व. विद्या भूषण की जयंती केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि उनके विकास कार्यों और जनसेवा की विरासत को याद करने का दिन भी है। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से हरीश भूषण के साथ गुफरान काजी, मदन मोहन शर्मा, सुबोध शर्मा, सतीश शर्मा, देवेंद्र वर्मा, इदरीश प्रमुख, विनोद धीमान, अनमोल जैन, ललित माहेश्वरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने पूर्व मंत्री को याद करते हुए उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान की चर्चा की।
