नोएडा, 04 अगस्त । गौतम बुद्धनगर जिला प्रशासन ने सात प्राइवेट स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन स्कूलों पर उत्तर प्रदेश फीस रेगुलेशन एक्ट के नियमों का उल्लंघन का आरोप है। इन्होंने तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई या बिना मंजूरी के अलग-अलग शुल्क लगाए हैं।
जिलाधिकारी मेधा रूपम के अनुसार, स्कूलों पर जुर्माना लगाने का फैसला उनकी अध्यक्षता में हुई जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी की बैठक में लिया गया। कमेटी ने 2026-27 अकादमिक सत्र के लिए प्राइवेट स्कूलों की प्रस्तावित फीस बढ़ोतरी की समीक्षा की। कमेटी ने उत्तर प्रदेश सेल्फ-फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल्स (फीस रेगुलेशन) एक्ट के नियमों के पालन की जांच की।
समीक्षा बैठक में पाया गया कि दह प्राइवेट स्कूलों ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए 7.23 फीसदी की अधिकतम तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई। नोएडा के सेक्टर 21 के एक अन्य स्कूल ने कम्पोजिट फीस के अलावा अलग से सालाना फीस भी वसूली। यही नहीं 2025-26 एकेडमिक सेशन के लिए अपना फीस स्ट्रक्चर भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया। इस तरह इन स्कूलों ने गलतियां कीं।
कमेटी ने इन गलतियों को उत्तर प्रदेश सेल्फ-फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल्स (फीस रेगुलेशन) एक्ट के तहत पहली बार की गई गलती माना। कमेटी ने सात स्कूलों में से हर एक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। प्रशासन ने कहा कि जिन स्कूलों में तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई गई थी, उनको पहले नोटिस जारी करके एक्ट के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, नोटिस के बावजूद सात स्कूल इन उल्लंघनों को ठीक करने में नाकाम रहे।
कमेटी ने सात स्कूलों के रवैये को गलत माना और इनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की। गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश सेल्फ-फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल्स (फीस रेगुलेशन) एक्ट’ के तहत प्राइवेट स्कूल कानूनी नियमों का पालन किए बिना तय सीमा से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। जिला प्रशासन के इस फैसले से जिले के तमाम प्राइवेट स्कूलों को एक सीधा संदेश जाएगा कि यदि नियम कायदे नहीं माने तो ऐक्शन तय है।
