लावारिस शवों को सम्मानजनक विदाई देने वाली बेटी को रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल ने किया सम्मानित
मुजफ्फरनगर। आज के दौर में जहां लोग अपने स्वार्थ और व्यस्तताओं में उलझे हुए हैं, वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों के दर्द को अपना दर्द मानकर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। ऐसी ही एक जांबाज और संवेदनशील बेटी हैं क्रांतिकारी शालू सैनी, जिन्होंने अपने निस्वार्थ सेवा कार्यों से समाज में एक नई पहचान बनाई है। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए रुड़की नगर निगम के पूर्व मेयर एवं वरिष्ठ समाजसेवी गौरव गोयल ने उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के दौरान वातावरण उस समय भावुक हो गया जब क्रांतिकारी शालू सैनी द्वारा किए जा रहे मानव सेवा के कार्यों का जिक्र हुआ। गौरव गोयल ने कहा कि शालू सैनी उन लोगों के लिए काम कर रही हैं, जिनकी ओर समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है। विशेष रूप से लावारिस एवं बेसहारा लोगों की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन जैसे अत्यंत संवेदनशील कार्य जिस समर्पण और निस्वार्थ भावना से वह कर रही हैं, वह वास्तव में समाज के लिए प्रेरणादायी है।
*मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म: गौरव गोयल*
पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका कोई अपना सामने नहीं आता, तब क्रांतिकारी शालू सैनी उस इंसान को सम्मानजनक विदाई देकर मानवता का सबसे बड़ा धर्म निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्य करने वाले लोग समाज की सच्ची ताकत होते हैं और उनका सम्मान होना पूरे समाज का सम्मान है। उन्होंने भविष्य में भी साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट के सभी जनहित और मानव सेवा कार्यों में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस दौरान सम्मान प्राप्त करने के बाद क्रांतिकारी शालू सैनी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बेहद भावुक शब्दों में कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट से जुड़े हर उस कार्यकर्ता और सहयोगी का है, जो दिन-रात जरूरतमंदों की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा और सभी सहयोगियों के सहयोग से ही यह सेवाएं निरंतर चल रही हैं और यह सम्मान भी उन्हीं को समर्पित है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर गरीब, असहाय एवं बेसहारा लोगों की मदद, लावारिस शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार, अस्थि विसर्जन, बेसहारा बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम की व्यवस्था, जरूरतमंदों को भोजन एवं वस्त्र वितरण तथा विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों का संचालन किया जाता है। क्रांतिकारी शालू सैनी ने कहा कि कई बार ऐसे शव मिलते हैं जिनका कोई परिजन या पहचान सामने नहीं आती। ऐसे कठिन और दर्दनाक समय में वह उन लोगों की अंतिम यात्रा की जिम्मेदारी उठाकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल सेवा नहीं बल्कि मानवता और इंसानियत के प्रति उनका कर्तव्य है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी क्रांतिकारी शालू सैनी के सेवा कार्यों की जमकर सराहना की और उन्हें मानवता की सच्ची मिसाल बताया। सभी ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट आगे भी समाज के जरूरतमंद और उपेक्षित लोगों के लिए इसी तरह सेवा और सहयोग का कार्य करता रहेगा। आज जब समाज में संवेदनाएं कम होती जा रही हैं, ऐसे समय में क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग यह साबित कर रहे हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है। उनका संघर्ष, सेवा और समर्पण हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो समाज में बदलाव लाना चाहता है।

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