जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा की ओर से बुधवार को टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने पहले समर्थकों के साथ दिल्ली जाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी, लेकिन सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। न्यायिक एसडीएम कृष्णा कुमार अन्य अधिकारियों के साथ संगठन के कार्यालय पहुंचे और वार्ता के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन स्वीकार किया। इसके बाद प्रस्तावित दिल्ली कूच फिलहाल टाल दिया गया।

ज्ञापन में मोहन प्रजापति ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्र-छात्राएं शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी, लेकिन पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया गया, जिसकी संगठन कड़ी निंदा करता है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को संविधान के तहत अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों के विपरीत है। संगठन ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
बैठक के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश वालिया, प्रदेश प्रभारी रामपाल सिंह पाल, वरिष्ठ नेता इंद्रमल प्रजापति, उपाध्यक्ष सुखपाल कश्यप, जिलाध्यक्ष विजय पाल, महासचिव रजत प्रजापति, सोनू प्रजापति, ऊदल सैन, शादाब कुरैशी, अजय सैनी, हिमांशु वालिया, सुमित पाल, अनुराग पाल, रीना प्रजापति, राहुल पाल, राकेश कश्यप, अनुज विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
