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देहरादून, 15 जून । राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा के प्रांतीय संघ के आह्वान पर सोमवार से सात सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन पूर्ण कार्य बहिष्कार एवं धरना आंदोलन शुरू हो गया। आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं निदेशालय परिसर में आयोजित आंदोलन के पहले दिन प्रदेशभर से 500 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी एकत्र हुए और दिनभर धरना प्रदर्शन किया।

चिकित्साधिकारियों ने विभागीय उपेक्षा, लंबित सेवा संबंधी प्रकरणों तथा संवर्गीय मांगों के समाधान की मांग उठाते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों पर शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। आंदोलन के दौरान चिकित्सकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।

धरना स्थल पर राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अरविंद चौहान तथा राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विजय बिष्ट ने पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने संवर्ग निदेशक की नियुक्ति, एसीपी,डीएसीपी लाभ, लंबित पदोन्नति मामलों के निस्तारण, सेवा संबंधी प्रकरणों के समाधान तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं सहित सात सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

प्रांतीय संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली और महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक पूर्ण कार्य बहिष्कार और धरना आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से वार्ता कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील भी की।

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