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कानपुर, 23 जून । आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की समय पर उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा तथा बेहतर पोषण सुनिश्चित करना उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की नियमित निगरानी में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विभिन्न पोषण मूल्यांकन उपकरणों के माध्यम से बच्चों की स्थिति का समय-समय पर आकलन किया जाना चाहिए, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। यह बातें मंगलवार को सीएसए के सामुदायिक महाविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. एकता शर्मा ने कहीं।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सामुदायिक महाविद्यालय के परिधान एवं वस्त्र विज्ञान विभाग तथा पारिवारिक संसाधन एवं प्रबंधन विभाग ने राज्यपाल के दिशानिर्देशों के अनुपालन में आंगनबाड़ी केंद्रों का जायजा लेने और बच्चों की उपस्थिति व प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा सेवाओं की स्थिति का आकलन करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना, केंद्रों की कार्यप्रणाली का अवलोकन करना तथा बच्चों के समग्र विकास से संबंधित सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना था। इस दौरान डॉ. एकता शर्मा, डॉ. रश्मि सिंह और डॉ. अर्चना सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों से संवाद कर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मिठाई वितरित की गई। साथ ही उनके पोषण स्तर का आकलन विभिन्न पोषण मूल्यांकन उपकरणों की सहायता से किया गया। विशेषज्ञों ने इन उपकरणों के उपयोग और महत्व की जानकारी अभिभावकों को भी दी, जिससे वे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की नियमित निगरानी कर सकें।

कार्यक्रम में डॉ. अर्चना सिंह, प्रभारी परिधान एवं वस्त्र विज्ञान विभाग, डॉ. रश्मि सिंह, प्रभारी पारिवारिक संसाधन एवं प्रबंधन विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री शोभा रानी, सुनीता देवी तथा मनोरमा ने सहयोग किया। कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस पहल की सराहना की। शोभा रानी ने विश्वविद्यालय की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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