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गोरखपुर, 22 जून । महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) तथा आरोग्य भारती के संयुक्त तत्वावधान में “स्वस्थ आयु के लिए योग” विषय पर एक दिवसीय वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साेमवार काे आयाेजित इस संगोष्ठी के मुख्य वक्ता विश्व आयुर्वेद मिशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जीएस तोमर ने कहा कि योग अनुशासित जीवनशैली का मूल मंत्र है।

डॉ. तोमर ने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य का संपोषक होने के साथ-साथ अनंत ऊर्जा का प्रदाता भी है। योग से पुष्ट शरीर, सजग मस्तिष्क एवं सकारात्मक भाव के साथ-साथ सृजनात्मकता भी उत्पन्न होती है। योग को प्रतिदिन की दिनचर्या का अभिन्न बनाना होगा तभी हम स्वस्थ नागरिक एवं शांतिपूर्ण विश्व की परिकल्पना साकार कर सकेंगे। उन्होंने शिवावतार महायोगी गोरखनाथ के इडा, पिंगला को सन्तुलित कर सुषुम्ना के जागरण को योग की चरम उपलब्धि बताया एवं योग को मात्र एक शारीरिक व्यायाम नहीं सम्पूर्ण जीवन दर्शन बताया।

कार्यक्रम का प्रारम्भ भगवान धन्वन्तरि एवं शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ के पूजन अर्चन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आरोग्य भारती, गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह ने योग को चित्त की, आयुर्वेद को शरीर की एवं व्याकरण महाभाष्य को वाणी की शुद्धि के लिए महर्षि पतंजलि द्वारा आविर्भूत बताया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक डॉ. जयंत नाथ ने प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया।

विषय प्रवर्तन कृषि विज्ञान संकाय के डीन एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विमल कुमार द्विवेदी और आभार ज्ञापन गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्राचार्य डॉ. गिरिधर वेदांतम् ने किया। इस अवसर पर फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शशिकांत सिंह, आयुर्वेद संकाय के डॉ. विनम्र शर्मा, डॉ. डीके सिंह, फार्मेसी संकाय के दिलीप मिश्रा, पीयूष आनंद, दीपक कुमार, पैरामेडिकल के अभिनव राठौर, डॉ. अंकिता दीक्षित, आकाश वर्मा, कुलदीप यादव सहित विभिन्न संकायों के अनेक प्राध्यापक एवं पैरामेडिकल के लगभग 200 छात्र उपस्थित रहे।

*आयुर्वेद चिकित्सालय में मरीजों का हुआ निशुल्क परीक्षण*

गोरखपुर। महंत दिग्विजयनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय आरोग्यधाम की विशिष्ट ओपीडी में विश्व आयुर्वेद मिशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीएस तोमर ने गठिया, दमा, डायबिटीज, हृदयरोग, त्वचा रोग आदि के करीब दो सौ रोगियों का परीक्षण कर निशुल्क चिकित्सा परामर्श प्रदान किया। डॉ. तोमर ने सभी को रोग के अनुसार दवाओं का सेवन करने के साथ आयुर्वेद सम्मत जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

By editor

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