नीरज प्रजापति

राजनीतिक हिस्सेदारी के सवाल पर गरमाएगा माहौल, प्रमोद त्यागी के दावे ने बढ़ाई सियासी हलचल, सम्मेलन से निकलेगा बड़ा राजनीतिक संदेश।

मुजफ्फरनगर। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों को लेकर हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में 23 अगस्त को मुजफ्फरनगर में होने वाला त्यागी ब्राह्मण सम्मेलन अब महज सामाजिक जुटान नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में चर्चा का केंद्र बनता जा रहा है। सम्मेलन का आयोजन समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी द्वारा कराया जा रहा है।
गुरुवार को त्यागी महासभा निर्देश पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने मीडिया सेंटर के पत्रकारों के साथ इन्द्रा कॉलोनी स्थित त्यागी भवन में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान प्रमोद त्यागी ने कहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में त्यागी ब्राह्मण समाज एकतरफा समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है। इसके साथ ही समाज की ओर से पार्टी में राजनीतिक हिस्सेदारी और पर्याप्त प्रतिनिधित्व की मांग भी उठाई जा रही है। इस दावे ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का तापमान बढ़ा दिया है।
दरअसल, चुनावी राजनीति में किसी भी समाज की सामूहिक राजनीतिक भूमिका उसके संख्या बल के साथ-साथ उसके संगठन, प्रभाव और प्रतिनिधित्व से भी तय होती है। ऐसे में 23 अगस्त का सम्मेलन इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि यहां समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर खुलकर मंथन होने की संभावना है।

सिर्फ सम्मेलन नहीं, सियासी संदेश की तैयारी

इस दौरान प्रमोद त्यागी ने कहा कि यह आयोजन समाजवादी पार्टी के लिए त्यागी ब्राह्मण समाज की राजनीतिक ताकत को एकजुट करने की दिशा में बड़ा कदम होगा। उन्होंने कहा कि यदि सम्मेलन में समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर स्पष्ट प्रस्ताव या सामूहिक संदेश सामने आता है, तो इसका असर आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि समाज 2027 में समाजवादी पार्टी के साथ एकजुट होकर खड़ा है और बदले में राजनीतिक भागीदारी की अपेक्षा रखता है। उन्होंने कहा कि मामला केवल समर्थन देने तक सीमित नहीं, बल्कि समर्थन के बदले राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग भी की गई हैं।

पश्चिमी यूपी की राजनीति में क्यों अहम

मुजफ्फरनगर लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां होने वाला कोई बड़ा सामाजिक सम्मेलन अक्सर आसपास के जिलों के राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा को जन्म देता है। ऐसे में 23 अगस्त का आयोजन चुनाव से करीब एक वर्ष पहले समाज की राजनीतिक दिशा को लेकर बड़ा संकेत देने वाला माना जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में इस दौरान शिवकुमार त्यागी प्रमोद त्यागी ललित त्यागी ब्रहम चंद त्यागी उमेश त्यागी दीपक त्यागी विपुल त्यागी आदि मौजूद रहे।

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