कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को कहा कि वह इससे स्तब्ध और शर्मिंदा हैं कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा में संघर्ष-विराम का आह्वान करने वाले प्रस्ताव पर मतदान से भारत दूर रहा।

उन्होंने यह भी कहा कि जब मानवता के हर कानून को ध्वस्त कर दिया गया है, तो ऐसे समय में अपना रुख तय नहीं करना और चुपचाप देखते रहना गलत है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया, जिसमें इज़रायल-हमास संघर्ष में तत्काल मानवीय संघर्ष-विराम का आह्वान किया गया था।

प्रियंका ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए अपने पोस्ट में महात्मा गांधी के उस कथन का उल्लेख किया कि ‘आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देती है।’

उन्होंने कहा, “मैं स्तब्ध और शर्मिंदा हूं कि हमारा देश गाजा में संघर्ष-विराम के लिए हुए मतदान में अनुपस्थित रहा।”

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