दिल्‍ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोपी कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को जमानत मिल गई है। सीजेएम हृषीकेश पांडेय ने आरोपी को 25-25 हजार की दो जमानतों और एक मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
इससे पहले वकील सुधांशु शेखर त्रिपाठी और प्रवीण कुमार यादव ने पवन खेड़ा की आत्मसमर्पण की अर्जी दी। कोर्ट ने आरोपी को हिरासत में लेने का आदेश दिया। जमानत अर्जी देकर बताया गया कि आरोपी निर्दोष है और मामले में झूठा फंसाया गया है। वहीं, आरोपी ने आश्वासन भी दिया कि जमानत का दुरुपयोग नहीं करेगा। इस पर कोर्ट ने रिहा करने का फैसला सुनाया।

भाजपा के महानगर अध्यक्ष और एमएलसी मुकेश शर्मा ने हजरतगंज थाने में 20 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि दिल्ली में पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें प्रधानमंत्री मोदी पर व्यंग्य करते हुए उनके नाम में दामोदर दास की जगह गौतम लगाकर उनके दिवंगत पिता को अपमानित किया।

आरोपी ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी जेपीसी बना सकते हैं तो नरेंद्र ‘गौतम दास’ मोदी को क्या दिक्कत है? भले ही नाम में दामोदर दास है, लेकिन कार्य गौतमदास के समान है। आगे आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को गौतम अदाणी से जोड़कर उपहास उड़ाया और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाया। पुलिस ने विवेचना के बाद आठ अप्रैल को चार्जशीट लगा दी थी।

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