कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को दावा किया कि 12 साल पहले के मुकाबले आज कच्चे तेल की कीमत कम है, लेकिन मोदी सरकार मुनाफाखोरी में लगी है। खरगे ने पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की 27 मई, 2014 की एक विज्ञप्ति का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या! पीआईबी के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक बारह साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन कच्चा तेल 108.05 डॉलर प्रति बैरल था और डॉलर के मुकाबले रुपया की कीमत 58.59 रुपये थी। उस समय पेट्रोल 71.51 रुपये और डीज़ल 56.71 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था।”

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उन्होंने कहा, “आज कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः 102.12 रुपये और 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।” उन्होंने कहा कि कच्चा तेल सस्ता हुआ, लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 प्रतिशत और डीज़ल करीब 67.9 प्रतिशत महंगा हो गया। खरगे का कहना है, “हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महंगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक, आम आदमी पर महंगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है।”

उन्होंने कहा, “सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीज़ल महंगा क्यों ? जनता को राहत क्यों नहीं ?” पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर वृद्धि की गयी। पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल के दाम 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ाये गये हैं। पिछले दो सप्ताह से भी कम समय में यह चौथी बार है जब कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।

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