महावीर चौक पर देर रात धरना, रिहाई तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
नीरज प्रजापति

मुजफ्फरनगर। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर रात मुजफ्फरनगर का महावीर चौक राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़क पर उतर आए और वरिष्ठ सपा नेता राकेश शर्मा तथा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के नेतृत्व में धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सपा नेता राकेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी और अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार उन्हें रिहा नहीं करती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, “या तो हमारे नेताओं को छोड़ दो, नहीं तो हमें भी गिरफ्तार कर लो।”
जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना किसी भी जनप्रतिनिधि का अधिकार है। यदि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों को हिरासत में लिया जाएगा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों की आवाज बनकर लगातार संघर्ष करती रहेगी।

धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, प्रश्न-पत्र लीक और छात्रों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से राकेश शर्मा, जिया चौधरी, पूजा अंबेडकर, गोल्ड अहलावत, पूनम सिंह, सोमपाल, सतपाल, सलमान सईद, सादिक चौहान, सलीम मलिक, रामपाल पाल, मोबीन, आकाश, तहसीन मंसूरी सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। देर रात तक महावीर चौक पर धरना जारी रहा और पुलिस प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रहा।
उधर, दिल्ली में विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित गड़बड़ियों, प्रश्न-पत्र लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया था। निषेधाज्ञा लागू होने के बीच हुए इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों नेताओं समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए, जिनकी कड़ी में मुजफ्फरनगर का यह धरना भी शामिल रहा।
महावीर चौक पर देर रात तक चले धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं और पुलिस प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए रहा।
