जन सुराज पार्टी ने दावा किया कि उसके संस्थापक प्रशांत किशोर का स्वास्थ्य खतरनाक रूप से बिगड़ गया है। प्रशांत किशोर फिलहाल एक अस्पताल के आईसीयू में आमरण अनशन पर हैं। किशोर ने 13 दिसंबर को पेपर लीक के आरोपों को लेकर बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे सिविल सेवा अभ्यर्थियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए 2 जनवरी को अनशन शुरू किया था। उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा को ज्ञापन सौंपने के बाद जेएसपी अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि डॉक्टरों का मानना ​​है कि अगर किशोर ने सामान्य भोजन लेना शुरू नहीं किया तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ज्ञापन में उन पांच मांगों को सूचीबद्ध किया गया जिनके लिए किशोर ने आमरण अनशन किया था। हमने यह भी कहा कि किशोर आमरण अनशन जारी रखने पर तभी पुनर्विचार करेंगे, जब मुद्दे का गंभीरता से समाधान किया जाए और जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के साथ छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल की बैठक तय की जाए।

जेएसपी द्वारा की गई मांगों में 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच और पिछले 10 वर्षों में हुई प्रश्न पत्र लीक जैसी अनियमितताओं पर श्वेत पत्र जारी करना शामिल है। पार्टी ने 18-35 आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों के लिए सहायता और सरकारी नौकरियों में राज्य के युवाओं का दो-तिहाई प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने वाली एक अधिवास नीति की भी मांग की। भारती ने कहा कि परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर “बहुत जल्द” पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की जाएगी।

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