प्रयागराज, 19 अक्टूबर । रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और पटरियां पार करने वालों के खिलाफ उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने अभियान तेज कर दिया है। एक जनवरी से 15 अक्टूबर 2026 तक ट्रैक पार करने के आरोप में 1188 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ रेलगाड़ियों का सुरक्षित और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करना है।
प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने साेमवार काे बताया कि मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे ट्रैक पार करना कानूनन अपराध होने के साथ ही जानलेवा भी हो सकता है। तेज गति से आने वाली ट्रेन का सही समय पर अनुमान लगाना कठिन होता है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने आमजन से रेलवे नियमों का पालन करने और सुरक्षित रेल परिचालन में सहयोग देने की अपील की।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में 131, फरवरी में 109, मार्च में 259, अप्रैल में 164 और मई में 226 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जून में 98, जुलाई में 40, अगस्त में 43, सितंबर में 111 और अक्टूबर में 15 तारीख तक सात लोगों की गिरफ्तारी हुई। इस अवधि में मार्च में सबसे अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
रेलवे सुरक्षा बल के पोस्टवार आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज जंक्शन पर सबसे अधिक 141 लोगों को गिरफ्तार किया गया। चुनार में 120, कानपुर सेंट्रल में 119, नैनी में 99, फतेहपुर में 95 और प्रयागराज छिवकी में 88 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
इसी तरह कानपुर अनवरगंज में 65, पनकी धाम, फफूंद और अलीगढ़ में 55-55, टूंडला में 48, फिरोजाबाद में 45, जीएमसी में 42, मानिकपुर में 40, मिर्जापुर में 31, खुर्जा में 29, इटावा में 28, सूबेदारगंज में 15, शिकोहाबाद में नौ, दादरी में आठ और हाथरस में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आमजन से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में रेलवे ट्रैक पार न करें। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए फुट ओवरब्रिज, सबवे अथवा निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में पटरियां पार करना जान जोखिम में डालने के समान है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
