प्रयागराज, 17 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले एक जोड़े की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचियों को संयुक्त शपथपत्र दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है और तब तक पुलिस को उनकी सुरक्षा करने का निर्देश दिया है।
शिखा यादव व अन्य की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने दिया। याचीगण का कहना है कि उनके शांतिपूर्ण जीवन में किसी को हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया जाय और याचीगण को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया जाए। स्थायी अधिवक्ता ने आपत्ति की कि मात्र याची सं. 1 द्वारा ही एकल शपथपत्र दिया गया है, याची सं. 2 द्वारा शपथपत्र नहीं दिया गया है। इस पर याचीगण के वकील ने संयुक्त शपथपत्र प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की।
कोर्ट ने न्यायहित में याचीगण के वकील को संयुक्त शपथपत्र प्रस्तुत करने हेतु दो सप्ताह का समय प्रदान किया । अगली सुनवाई की तिथि 18 नवंबर.2026 तय की है। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अगली नियत तिथि तक याचीगण की जान और शांति से जीने की आजादी की रक्षा करें। किसी भी तरह की धमकी, हिंसा या उत्पीड़न से उनका बचाव करें।
