नई दिल्ली, 17 अक्टूबर । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आज दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती में गड़बड़ियों के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपितों के खिलाफ दर्ज मामले में सभी पक्षों की दलीलें फैसला सुरक्षित रखा। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने 3 नवंबर को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
कोर्ट ने सभी 11 आरोपितों को 3 नवंबर को फैसला सुनाने के पहले सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया। कोर्ट ने 1 मार्च 2023 को सभी आरोपितों को जमानत दी थी। 3 नवंबर 2022 को कोर्ट ने आरोपितों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने इन आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2), 13((1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इस मामले में 23 नवंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद सीबीआई ने 21 अगस्त 2022 को चार्जशीट दाखिल किया था। सीबीआई के मुताबिक दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ और संविदा पर दूसरी नियुक्तियों में गड़बड़ियां की गई। चार्जशीट में कहा गया है कि इन नियुक्तियों के लिए अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम और दूसरे आरोपितों के साथ साजिश रची जिन्हें वक्फ बोर्ड में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक इन नियुक्तियों में मनमानी की गई और अमानतुल्लाह खान और महबूब आलम ने अपने पद का दुरुपयोग किया।
दिल्ली वक्फ बोर्ड के मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने भी मनी लाऊंड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले चुकी है। ईडी ने 9 जनवरी 2024 को चार्जशीट दाखिल किया था। करीब पांच हजार पेजों की चार्जशीट में ईडी ने जिन लोगों को आरोपित बनाया है उनमें जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जीशान हैदर को आरोपित बनाया है। ईडी ने पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर को भी आरोपित बनाया है।—
