कॉकरोच बोले – झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है।
इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।
प्रधान ने इस्तीफे को लेकर चिट्ठी पोस्ट की। दो पेज और 575 शब्दों में लिखी इस चिट्ठी में प्रधान ने बाकी बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने की बात भी लिखी।
उन्होंने देश के युवाओं को एक पत्र से संबोधित किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव विश्वास रहा है कि एक सशक्त समाज, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
X पर उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर के हालात का फ़ायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी पेचीदगियों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है।
सूत्रों ने बताया कि प्रधान ने खुद नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दिया था, उन्हें हटाया नहीं गया था। इससे पता चलता है कि सरकार उन्हें सम्मानजनक विदाई देना चाहती थी। ओडिशा में जन्मे बीजेपी नेता ने सबसे पहले 2021 में शिक्षा मंत्री का पद संभाला था और 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद उन्हें फिर से नियुक्त किया गया था। एग्जाम पेपर लीक की कई घटनाओं के कारण आलोचना झेल रहे प्रधान ने शुरुआत में ही साफ़ कर दिया कि पद छोड़ना निजी सम्मान का मामला नहीं है। मई में हुआ NEET-UG पेपर लीक शायद इस मामले में आखिरी झटका साबित हुआ।
