नीरज प्रजापति
राजेश गोयल ने सरकार से मांगा सख्त सिस्टम, हर कबाड़ी-फेरीवाले का हो पुलिस सत्यापन, चिपयुक्त आईडी, दो गारंटर और तय किया जाए आवाजाही का क्षेत्र
मुजफ्फरनगर। शहर और देहात में घूम-घूमकर कबाड़ खरीदने तथा फेरी लगाने वालों की गतिविधियों को लेकर अब निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग तेज हो गई है। भाजपा पार्टी कार्यकर्ता राजेश गोयल ने सरकार को पत्र भेजकर ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की है कि जिससे किसी भी व्यक्ति की पहचान और उसके क्षेत्र में आवागमन का रिकॉर्ड जरूरत पड़ने पर पुलिस के पास उपलब्ध रहे। गोयल ने अपने पत्र में कहा है कि पिछले करीब छह माह से उन्होंने क्षेत्र में कबाड़ियों को लेकर जागरूकता संबंधी पोस्टर लगवाए थे। उनका उद्देश्य अपराध की रोकथाम और लोगों को सतर्क करना था। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ असामाजिक तत्व कबाड़ी या फेरीवाले के रूप में किसी इलाके में घूमकर घरों, प्रतिष्ठानों अथवा संवेदनशील स्थानों की रेकी कर सकते हैं और बाद में अपराध को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि कबाड़ी और फेरी का काम करने वाले सभी लोगों को अपराध से जोड़ना उचित नहीं होगा। बड़ी संख्या में लोग इसी काम के जरिए ईमानदारी से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। मांग मुख्य रूप से ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन व्यवस्था मजबूत करने को लेकर है। गोयल ने सुझाव दिया कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में कबाड़ियों और फेरीवालों का अनिवार्य सत्यापन कराया जाए। सत्यापन के बाद उन्हें पुलिस की ओर से इलेक्ट्रॉनिक चिपयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएं। ताकि आवश्यकता पड़ने पर पहचान पत्र के माध्यम से संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों की जांच की जा सके। साथ ही दो गारंटर की व्यवस्था भी लागू करने की मांग की गई है।
कहां, कब और कितने समय घूमेगा,हो पूरा रिकॉर्ड
पत्र में मांग की गई है कि कबाड़ियों और फेरीवालों के लिए उनके व्यापारिक क्षेत्र, दिन और समय का रिकॉर्ड निर्धारित किया जाए। किस व्यक्ति को किस कॉलोनी या क्षेत्र में व्यापार की अनुमति है, इसकी जानकारी थाना स्तर पर दर्ज रहे। राजेश गोयल का मानना है कि किसी आपराधिक घटना के बाद जांच में यह व्यवस्था पुलिस के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री स्तर से प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा प्रत्येक थाना क्षेत्र में सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित कराने की मांग की है। राजेश गोयल ने कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई से ज्यादा जरूरी अपराध की संभावित रेकी और संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से नजर रखना है। उन्होंने सरकार से इस प्रस्ताव पर तत्काल विचार करने की अपील करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्रहित में वे अपनी ओर से हरसंभव योगदान देने के लिए तैयार हैं।
