एंटी रोमियो टीमों ने हेल्पलाइन नंबरों, सरकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी, पंपलेट बांटकर किया व्यापक जनजागरूकता अभियान
नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस ने पूरे जनपद में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमों ने गांवों, कस्बों, स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद किया और उन्हें सुरक्षा संबंधी अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं और छात्राओं को बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध या अन्य किसी भी परेशानी की स्थिति में तत्काल पुलिस और शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करें। टीमों ने पंपलेट वितरित कर डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वूमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, सीएम हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा-102 और एंबुलेंस सेवा-108 सहित अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी विस्तार से दी।

पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को यह भी बताया कि उनकी सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अभद्र व्यवहार या अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अभियान के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, आयुष्मान भारत योजना, महिला शक्ति केंद्र योजना समेत महिला कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही जनसुनवाई पोर्टल और स्थानीय थानों में संचालित मिशन शक्ति केंद्रों की उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से बताया गया, जिससे जरूरतमंद महिलाएं अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकें।

स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं के साथ संवाद करते हुए पुलिस टीमों ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न से न डरने तथा कानून द्वारा दिए गए अधिकारों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद महिलाओं एवं युवतियों से भी पुलिस ने सीधे संवाद स्थापित किया और भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एंटी रोमियो टीमों ने लोगों से अपील की कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी तथा किसी भी अपराध या उत्पीड़न की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
जनपदभर में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के बीच सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और विश्वास का वातावरण मजबूत करना रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और निर्भीक बनाने की एक प्रभावी पहल है। आने वाले दिनों में भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे, ताकि प्रत्येक महिला और बालिका स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके और आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी संकोच के पुलिस एवं शासन की सेवाओं का लाभ उठा सके।
