नीरज प्रजापति

मिशन शक्ति-6.0 के तहत त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और साइबर अपराधों के प्रति भी किया जागरूक।

मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान-6.0 के अंतर्गत शनिवार को तहसील सदर में विशेष ‘पिंक समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं की समस्याओं और शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए उनके निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों के समाधान में गंभीरता बरतने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए।
शासन के निर्देशों के क्रम में आयोजित पिंक समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी सदर शुभम श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी सदर सुनील कुमार ने उपस्थित शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में विशेष प्राथमिकता रखी जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर राहत मिल सके और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

महिला सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष जोर

पिंक समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनी प्रावधानों और सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक करना भी रहा। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं को शासन की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान अधिकारियों ने महिलाओं को बताया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न अथवा आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की मदद ली जा सकती है। उन्हें वूमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त करने के तरीकों से भी अवगत कराया गया।

साइबर अपराधों से सतर्क रहने की अपील

कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता पर भी विशेष बल दिया गया। महिलाओं और बालिकाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध फोन कॉल, अनजान लिंक और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले संभावित अपराधों के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी गई। उन्हें किसी के साथ अपनी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी साझा नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया। मिशन शक्ति अभियान-6.0 के अंतर्गत आयोजित यह पहल महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। अधिकारियों ने शिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर जोर देते हुए महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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