काली नदी पुल पर चेकिंग के दौरान पुलिस पर बरसाईं गोलियां, जवाबी कार्रवाई में इनामी समीर उर्फ फौजी घायल, जंगल में घेराबंदी कर साथी भी गिरफ्तार, अवैध हथियार और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद।

नीरज प्रजापति

मुजफ्फरनगर। जनपद में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दे दिया कि कानून से भागना अब आसान नहीं है। कोतवाली नगर पुलिस ने देर रात हुई मुठभेड़ में 15 हजार रुपये के इनामी और वांछित बदमाश समीर उर्फ फौजी को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके साथी रोहित को जंगल में घेराबंदी कर दबोच लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि अपराध की दुनिया में सक्रिय बदमाशों को भी कड़ा संदेश दे दिया कि पुलिस के सामने हथियार उठाने वालों का अंजाम तय है।
घटना उस समय हुई जब कोतवाली नगर पुलिस न्याजुपुरा-चरथावल रोड स्थित काली नदी पुल पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर घबरा गए और रुकने के बजाय बाइक मोड़कर कच्चे रास्ते से भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्काल उनका पीछा किया। लगातार बारिश के कारण रास्ता फिसलन भरा था, जिससे कुछ दूरी पर उनकी बाइक फिसलकर गिर गई।


बाइक गिरते ही दोनों बदमाश पैदल जंगल की ओर भागे और गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बावजूद पुलिसकर्मियों ने साहस और संयम का परिचय देते हुए पहले बदमाशों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन जब उन्होंने गोलीबारी जारी रखी तो आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। जवाबी फायरिंग में इनामी बदमाश समीर उर्फ फौजी के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही दबोच लिया गया। उसका साथी रोहित अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भागा, लेकिन पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर कॉम्बिंग अभियान चलाया और उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। घायल समीर को पुलिस सुरक्षा के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला, अवैध हथियार रखने और अन्य धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि समीर उर्फ फौजी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एससी-एसटी एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। उसका साथी रोहित भी पहले से आपराधिक मामलों में वांछित रह चुका है।

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