मुजफ्फरनगर में धनगर समाज उत्थान समिति ने शासन-प्रशासन पर लगाए उपेक्षा के आरोप, कहा, पात्र लोगों के जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं हुए तो लोकतांत्रिक तरीके से होगा आंदोलन: सतेंद्र पाल
नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। धनगर समाज उत्थान समिति के नेतृत्व में धनगर समाज के लोगों ने जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर शासन और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र समाधान की मांग उठाई है। धनगर समाज उत्थान समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने रुड़की रोड स्थित होटल ग्रीन ऐप्पल में मीडिया से के पत्रकारों से वार्ता का आयोजन किया। प्रेस वार्ता के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अनुसूचित जाति के पात्र लोगों को नियमानुसार जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति का आरोप है कि कई मामलों में तहसील स्तर पर एक ही परिवार के पिता और पुत्र की जाति को अलग-अलग मानते हुए प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार किया जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि यदि परिवार के किसी सदस्य का जाति प्रमाणपत्र पहले से जारी है, तो उसी आधार पर अन्य पात्र सदस्यों के प्रमाणपत्र भी नियमानुसार बनाए जाने चाहिए। इसके बावजूद कई परिवार लंबे समय से कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
धनगर समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत लेकर जिला स्तर के अधिकारियों के पास जाने पर भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी मामले को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर कार्रवाई से बचते हैं, जिससे आम लोगों में निराशा बढ़ रही है।
सतेंद्र पाल शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी ने कहा कि धनगर समाज अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद समाज के लोगों को अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। समाज का आरोप है कि वर्तमान समय में इस गंभीर विषय पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
मंडल अध्यक्ष रवि कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में धनगर समाज की बड़ी आबादी निवास करती है। यदि पात्र लोगों के जाति प्रमाणपत्र समयबद्ध तरीके से जारी नहीं किए गए तो समाज आगामी चुनावों में अपने लोकतांत्रिक निर्णय पर विचार करेगा। जिला अध्यक्ष लोकेश कुमार धनगर ने स्पष्ट किया कि यदि समाज की समस्याओं का शीघ्र, निष्पक्ष और न्यायोचित समाधान नहीं किया गया तथा पात्र व्यक्तियों के जाति प्रमाणपत्र नियमानुसार जारी नहीं किए गए, तो समस्त धनगर समाज संविधान और कानून के दायरे में रहकर जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा। समिति का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
बैठक में एडवोकेट रवि धनगर, बृजेश धनगर (यात्रा अध्यक्ष), बिजेंद्र धनगर, लोकेश धनगर, नकली सिंह धनगर, सतीश धनगर, आनंद धनगर, राजकुमार धनगर, विनय धनगर, सत्य कुमार, दीपक धनगर, डॉ. प्रवीण धनगर, राजेंद्र धनगर, कैलाश धनगर, ओमबीर धनगर, विजयपाल धनगर, जयपाल धनगर, विनीत धनगर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्राम पुरबालियान, खानुपुर, शाहपुर, पुरकाजी, झबरपुर, धमात, कल्लनपुर, शकरपुर, भोजाहेड़ी, बरवाला, सलेमपुर, रांडावली, कम्हेड़ा, खाईखेड़ी सहित अनेक गांवों से धनगर समाज के लोगों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया और जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग दोहराई।
