श्यामवीर शर्मा
शहीदों के बलिदान के सपने को साकार करने में जुटी है उत्तराखंड सरकार रामपुर तिराहा स्मारक के उच्चीकरण की सीएम ने की घोषणा।
छपार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक स्थल पर उत्तराखंड आंदोलन में शहीद हुए बलिदानियों को नमन कर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शहीदों के संघर्ष के कारण उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ। उत्तराखंड के शहीदों की इच्छा के अनुसार उत्तराखंड सरकार जनकल्याण के लिये समर्पित हुई है। दोपहर में 11:52 बजे शहीद स्मारक रामपुर तिराहा पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि 1 सितंबर 1994 में पहले खटीमा में गोलीकांड हुआ। इसके बाद 2 अक्टूबर 1994 में रामपुर तिराहा पर उत्तराखंड से दिल्ली जा रहे निर्दोष लोगों पर लाठी चार्ज व गोली कांड कर 7 लोगों को शहीद कर दिया गया। माँ बहनों की इज्जत से खिलवाड़ हुआ। उक्त लोग दिल्ली में उत्तराखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर जा रहे थे। उस समय उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार थी, जबकि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी। जिसके प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव थे। जिन्होंने उक्त गोलीकांड कराया। उन्होंने कहां कि यह शर्मनाक घटना सपा सरकार के दौरान हुई। पुलिस भी रक्षक की जगह भक्षक बन गई। लेकिन आंदोलन कारियों का मनोबल नहीं तोड़ सकी।
उत्तराखंड के आंदोलनकारियों बलिदानियों के संघर्ष के कारण 9 नवम्बर 2000 में उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहां कि उत्तराखंड के शहीदों की भावना के अनुरूप उत्तराखंड सरकार काम कर रही है। उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा समेत क्षेत्र के लोगों के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहां कि उत्तराखंड के शहीदों की मूर्ति की स्थापना का शिलान्यास किया गया है। यहां जल्द ही उनके स्मारक बनाए जाएंगे। इसके लिए 27 लाख रुपए उत्तराखंड सरकार द्वारा अवमुक्त किए गए है। जहां उनकी मूर्तियां स्थापित होगी। धामी ने उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियां गिनाई तथा कहां कि आंदोलनकारियों के लिए पेंशन की व्यवस्था की गई है, निःशुल्क बस यात्रा का भी प्रयास जारी है। उन्होंने रामपुर तिराहा पर शहीद स्मारक को भूमि देने वाले स्व पंडित महावीर शर्मा को भी याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रामपुर, सिसौना आदि गांवों में सहयोग करने वालों को भी स्मरण किया। उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिकता कानून लागू किया गया है। शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए फैसले लिए जा रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पारदर्शी सरकार है। बिना पर्ची, बिना खर्ची के नौकरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र की सरकार काम कर रही है। हरिद्वार से गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ने की दिशा में काम चल रहा है। ऋषिकेश तक जाने वाले उक्त मार्ग से मुजफ्फरनगर जनपद को भी लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री धामी ने रामपुर तिराहा के उच्चीकरण व संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि दिल्ली जा रहे उत्तराखंड के लोगों के साथ तत्कालीन सरकार ने ज़्यादती कर गोलियां चलाई, अस्मत लुटी है। उन्होंने कहां कि उस कांड के वे साक्षी रहे। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य के राज्यमंत्री सुभाष बड़थ्वाल, मधु भट्ट, हर्ष प्रकाश काला, देशराज कर्णवाल, हरिद्वार के जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी आदि ने भी विचार रखे। उत्तराखंड स्मारक में भूमि दान करने वाले महावीर शर्मा के पुत्र पप्पू शर्मा ने परिवार समेत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत किया। सुबह सवेरे से ही उत्तराखंड प्रशासन के अधिकारी यहां डेरा डाले व्यवस्था पर नजर रखे थे। एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स लगा था। एल आई यू के निरीक्षक आकाश सक्सेना समेत भाजपा नेता नरेश कोरी, लक्ष्मण शर्मा, पुरकाजी भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय पंवार, पूर्व मंडल अध्यक्ष कंवरपाल खजांची, सुक्कड सिंह समेत बड़ी संख्या में भाजपाई व ग्रामीण मौजूद रहे।
