नीरज प्रजापति
नए कट्टे में निकले कीड़े-मकोड़े, तीसरे कट्टे में भी ऐसी ही शिकायत का दावा; सूचना के बाद भी कार्रवाई न होने के आरोप से विभाग की निगरानी व्यवस्था कठघरे में
-लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष अमन बंसल ने मिलावट खोरी के खिलाफ खोला मोर्चा
मुजफ्फरनगर। त्योहारी सीजन में जब बाजारों में मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री चरम पर पहुंचने वाली है, उसी समय मैदे के एक नए कट्टे के भीतर कीड़े-मकोड़े मिलने का मामला सामने आने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक नहीं, बल्कि तीसरे कट्टे में भी इसी तरह कीड़े निकल चुके हैं। सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि मामले की सूचना खाद्य विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इस आरोप ने विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष अमन बंसल ने मोर्चा खोलते हुए खाद्य विभाग से तत्काल जांच की मांग की है। अमन बंसल ने बताया कि जिस मैदे के कट्टे में कीड़े पाए गए, उसे मुन्ना तंदूरी आटा कंपनी का हैं जो, गुड़ मंडी स्थित संजय गोयल की दुकान से खरीदा गया था। बताया गया कि यह मैदा कुकड़ा क्षेत्र में तस्लीम द्वारा संचालित होटल के लिए खरीदा गया था।
अमन बंसल का दावा है कि यह मामला पहली बार सामने नहीं आया है। उनके अनुसार, तीसरे कट्टे में भी बड़ी संख्या में कीड़े पाए जाने की शिकायत सामने आई है। यदि यह दावा जांच में सही पाया जाता है तो मामला केवल एक कट्टे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मैदे के भंडारण, आपूर्ति, गुणवत्ता और संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी तक सवाल पहुंचेंगे।
सबसे बड़ा सवाल खाद्य विभाग की भूमिका को लेकर खड़ा हो रहा है। अमन बंसल का कहना है कि जब विभागीय अधिकारियों को मैदे में कीड़े मिलने की जानकारी दी गई तो मौके पर पहुंचकर नमूना लेने और जांच करने जैसी कार्रवाई तत्काल होनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
अमन बंसल ने तीखे शब्दों में कहा कि अगर खाद्य विभाग को दूषित खाद्य सामग्री की जानकारी मिलने के बाद भी अधिकारियों की कुर्सी नहीं हिलती तो आखिर विभाग किस दिन जागेगा? उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में विभाग को बाजारों में विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच करनी चाहिए, क्योंकि इसी दौरान मिलावटी और खराब खाद्य सामग्री की बिक्री का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नए मैदे के कट्टे में ही कीड़े निकल रहे हैं तो ऐसे मैदे से तैयार होने वाले खाद्य पदार्थ आखिर लोगों की थाली तक कैसे पहुंच सकते हैं। उनका कहना है कि मामला सामने आने के बाद केवल दुकानदार को नोटिस देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मैदे के स्रोत से लेकर सप्लाई चैन और संबंधित प्रतिष्ठानों तक की जांच होनी चाहिए।
अमन बंसल ने खाद्य विभाग से मांग की कि संबंधित मैदे का तत्काल नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। साथ ही कट्टे पर दर्ज बैच नंबर, निर्माण तिथि, पैकिंग तिथि और सप्लाई से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाए। यदि खाद्य सामग्री मानकों के विपरीत पाई जाती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों की सेहत से जुड़े इस मामले को किसी भी कीमत पर दबने नहीं दिया जाएगा। यदि विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होती है तो मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
