नीरज प्रजापति
मीडिया सेंटर पर प्रेस वार्ता कर शेरपुर प्रधान सुऐब लम्बरदार ने हमीदुल्लाह समेत कई लोगों पर लगाए गंभीर आरोप, शनिवार को लगाए गए आरोपों को बताया निराधार; पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग।
मुजफ्फरनगर। शेरपुर गांव में आपसी विवाद अब खुलकर आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस कार्रवाई की मांग तक पहुंच गया है। शनिवार को हमीदुल्लाह की ओर से की गई प्रेस वार्ता के अगले ही दिन रविवार को ग्राम प्रधान सुऐब लम्बरदार ने मीडिया सेंटर पर प्रेस वार्ता कर पूरे मामले में अपना पक्ष रखा। ग्राम प्रधान शेरनगर ने हमीदुल्लाह पर मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने, धमकियां देने और अपने सहयोगियों के माध्यम से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शनिवार को हमीदुल्लाह द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए पलटवार किया और पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, सुरक्षा तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्राम प्रधान सुऐब लम्बरदार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गत 21 अगस्त 2026 को दोपहर करीब तीन बजे गांव में उनके चाचा हमीदुल्लाह पुत्र याहिया और उनके परिजनों के साथ विवाद हुआ था। प्रधान का आरोप है कि हमीदुल्लाह ने अपने घरवालों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की नीयत से हमला किया। घटना के बाद पुलिस द्वारा उनकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। शुऐब प्रधान ने बताया कि इस मामले में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 369/2026, सरकार बनाम हमीदुल्लाह आदि, धारा 115(2), 352 एवं 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की विवेचना वर्तमान में चल रही है। ग्राम प्रधान शुऐब का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से हमीदुल्लाह और उसके सहयोगियों द्वारा उन पर मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि समझौता करने से इनकार करने पर उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। प्रधान ने दावा किया कि इसी उद्देश्य से गांव के ही कुछ अन्य लोगों को भी उनके खिलाफ सक्रिय किया गया है।
प्रेस वार्ता में प्रधान ने अहसानुलहक पुत्र जिकरिया, अखलाक उर्फ नाक्कू पुत्र अजमत अली और हुसैन पुत्र उबैदुल्ला समेत कुछ अन्य लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इन लोगों पर विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाते हुए पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सुऐब लम्बरदार ने आरोप लगाया कि हमीदुल्लाह लगातार उनके और उनके परिवार के खिलाफ शिकायतें करता रहता है। प्रधान के अनुसार कई शिकायतें पुलिस जांच में निराधार पाए जाने के बाद समाप्त हो चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि तीन अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे भी उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। प्रधान ने कहा कि घटना के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाकर मामले की वास्तविकता सामने लाई जा सकती है। ग्राम प्रधान ने कहा कि कथित धमकियों के कारण वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डर के चलते वह अपनी परचून की दुकान भी नियमित रूप से नहीं खोल पा रहे हैं। उनका कहना है कि विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है और यदि समय रहते पुलिस ने मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्राम प्रधान ने शनिवार को हमीदुल्लाह द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मीडिया के सामने हमीदुल्लाह की ओर से ग्राम प्रधान और उनके साथ मौजूद लोगों पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और बेबुनियादी हैं।
इसी दौरान ग्राम प्रधान ने हमीदुल्लाह पर भी चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि हमीदुल्लाह द्वारा बाइक और कार चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है और उसके आवास पर वर्तमान में भी चार-पांच बाइक खड़ी हैं जो चोरी की गई बाइक होने की आशंका जताई गई हैं। इस दौरान ग्राम प्रधान ने पुलिस एवं प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने स्वयं, अपने परिवार और सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग भी की। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से जाबिर, वाकिब, शहजाद शमी, जाकिर, मौ. शावेज, सद्दाम और सलाउद्दीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
