अयोध्या, 04 अक्टूबर । सरकार के दूरदर्शी विजन से प्रदेश के पारंपरिक और आधुनिक कारीगरों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 शुरू की है। अयोध्या जनपद में भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन का सुनहरा अवसर उपलब्ध है। 18 वर्ष से अधिक आयु वाले पात्र दस्तकार और कारीगर इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षण से लेकर बिना गारंटी ऋण तक के व्यापक लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को निःशुल्क 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को प्रतिदिन 500 रुपये की दर से कुल 5,000 रुपये मानदेय सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मुफ्त भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर 15,000 रुपये मूल्य तक की उन्नत टूलकिट निःशुल्क प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण-पत्र (आरपीएल) भी मिलेगा, जिससे कारीगरों की साख और बाजार में मांग बढ़ेगी।
स्वरोजगार को आसान बनाने के लिए योजना में विशेष आकर्षण के रूप में मार्जिन मनी ऋण सुविधा शामिल है। लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का आसान ऋण उपलब्ध होगा। सामान्य श्रेणी के पुरुषों को परियोजना लागत का केवल 10 प्रतिशत तथा महिलाएं, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों को केवल 5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी। शेष राशि पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। सीजीटीएमएसई योजना के तहत 100 प्रतिशत बिना गारंटी सुरक्षित ऋण मिलेगा। नियमित भुगतान करने पर पांच वर्षों तक ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी। ऋण पर छह महीने की छूट अवधि (मोराटोरियम) के बाद 54 किस्तों में पुनर्भुगतान की सुविधा है।
योजना में कुल 25 ट्रेड शामिल हैं। इनमें 16 पारंपरिक ट्रेड जैसे बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची, धोबी, मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा हैं। नौ आधुनिक विश्वकर्मा ट्रेड में मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, विद्युत सामान मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस (ब्यूटीशियन) शामिल हैं। इन ट्रेडों के माध्यम से युवाओं से लेकर अनुभवी दस्तकारों तक को कौशल निखारने और कमाई बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
पात्रता के लिए आवेदक प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। संबंधित ट्रेड से जुड़े होने का प्रमाण ग्राम विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, नगर निगम या मान्यता प्राप्त संस्थान से जारी होना चाहिए। इससे पहले केंद्र या राज्य सरकार की समान योजना का लाभ न लिया हो तथा आवेदक किसी बैंक का चूककर्ता न हो। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट msme.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। जनपद स्तरीय चयन समिति ऑनलाइन मूल्यांकन कर चयन करेगी। आवेदन तीन दिनों में बैंक को भेजा जाएगा और बैंक 15 दिनों में ऋण स्वीकृति देगा। स्वीकृति के 15 दिनों के भीतर ऋण खाते में राशि वितरित कर दी जाएगी।
जिला उपायुक्त उद्योग प्रभात रंजन शुक्ला ने बताया कि इच्छुक कारीगर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योगी सरकार की यह सौगात हुनरमंद हाथों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कारोबार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आज ही आवेदन करें और अपने हुनर को अपनी पहचान बनाएं।
