नीरज प्रजापति

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर उठाए सवाल, डीएम से मिलकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के साक्ष्य सौंपने का भी ऐलान।

मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी की ओर से दो अक्टूबर से आठ अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में पार्टी ने जिले में विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा की है। शनिवार को महावीर चौक स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने आंदोलन के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। साथ ही एसआईआर के बाद जारी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए। जिला अध्यक्ष जिया चौधरी ने बताया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर लोकतंत्र बचाओ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत विधानसभा स्तर पर बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं। अब चार अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ता पैदल मार्च निकालकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे।
सुबह 11 बजे पार्टी कार्यालय से शुरू होगा मार्च
जिया चौधरी ने बताया कि चार अक्टूबर को सुबह 11 बजे समाजवादी पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च शुरू होगा। यह मार्च महावीर चौक से होते हुए कचहरी गेट स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थल तक पहुंचेगा। वहां पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने की भी घोषणा की गई है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम करेगी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपना लोकतांत्रिक कार्यक्रम करेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
पत्रकार वार्ता में जिया चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठा रही है और इन्हें लेकर पार्टी आगे भी अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता और प्रशासन के सामने रखना है। इसी क्रम में चार अक्टूबर का मार्च और प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर सपा ने उठाए सवाल
सपा जिलाध्यक्ष ने एसआईआर के बाद जारी मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी वैधानिक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है तो भविष्य में उसे मतदान का अधिकार किस आधार पर मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे लोगों की सरकारी योजनाओं से संबंधित पात्रता पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सपा ने इन बिंदुओं पर प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
छहों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का अध्ययन करने का दावा
जिया चौधरी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने जिले की छहों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का अध्ययन किया है। पार्टी की ओर से बूथवार और विधानसभा वार मतदाता सूची का मिलान किए जाने की बात कही गई। इसी अध्ययन के दौरान कथित तौर पर एक ही नाम की कई-कई मतदाता प्रविष्टियां सामने आने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ बूथों पर एक ही नाम की पांच-पांच वोट तक दर्ज होने के मामले सामने आए हैं। उनके अनुसार ऐसे मामलों की संख्या 500 से 700 तक हो सकती है, जबकि विधानसभा स्तर पर यह संख्या कई हजार तक पहुंचने का दावा किया गया है। सपा जिलाध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में मतदाता और उसके पिता के नाम समान होने के बावजूद अलग-अलग मतदाता प्रविष्टियां दिखाई दे रही हैं। पार्टी का कहना है कि इन मामलों का सत्यापन कराया जाना जरूरी है।
12 अक्टूबर को डीएम को सौंपेगी सपा साक्ष्य
जिया चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी केवल आरोप लगाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य भी प्रशासन के सामने रखेगी। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर को सपा की पूरी टीम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाकात करेगी। इस दौरान पार्टी की ओर से बूथवार और विधानसभा वार जानकारी के साथ उपलब्ध साक्ष्य जिलाधिकारी को सौंपे जाएंगे। सपा उच्चस्तरीय जांच की मांग करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मतदाता सूची में सामने आई प्रविष्टियों की वास्तविक स्थिति क्या है और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है।
पंकज मलिक बोले—लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा
इस दौरान चरथावल विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक पंकज मलिक ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा देश की जनता, विकास और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के अधिकारों और मताधिकार का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में चरथावल विधायक पंकज मलिक के अलावा सपा राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा, पूर्व मंत्री राजकुमार यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष इलम सिंह गुर्जर, महानगर अध्यक्ष पुष्पेंद्र उर्फ बॉबी त्यागी समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी ने चार अक्टूबर के मार्च को लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के प्रमुख कार्यक्रम के रूप में घोषित किया है। इसके बाद 12 अक्टूबर को जिलाधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची से संबंधित कथित अनियमितताओं के साक्ष्य सौंपने की घोषणा की गई है। मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े सपा के दावों की वास्तविक स्थिति संबंधित रिकॉर्ड के आधिकारिक सत्यापन और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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