नीरज प्रजापति
मीटर की केबल में कट लगाकर 34 किलोवाट बिजली चोरी का खुलासा, ईवी चार्जिंग के लिए भी सीधी चोरी पकड़ी।
मुजफ्फरनगर। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ विद्युत विभाग ने एक बार फिर ऐसा शिकंजा कसा है, जिसने चोरी की बिजली से घर और कारोबार चलाने वालों में हड़कंप मचा दिया है। गुरुवार सुबह 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र नुमाईश कैम्प के चिन्हित हाईलॉस फीडर रामपुरम के अंतर्गत खालापार क्षेत्र में विद्युत विभाग की टीम ने मॉर्निंग रेड करते हुए एक साथ 13 मामलों में बिजली चोरी पकड़ी। जांच के दौरान 12 उपभोक्ताओं के मीटर केबल में कट लगाकर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया, जबकि एक परिसर में ईवी चार्जिंग के लिए सीधे बिजली चोरी की जा रही थी। विभाग ने सभी 13 मामलों में एंटी पावर थैफ्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। मुख्य अभियंता (वितरण) विनोद कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत नगरीय वितरण मंडल मुजफ्फरनगर सुधीर कुमार अग्रवाल तथा संबंधित अधिकारियों के निर्देशन में विद्युत चोरी रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई। अभियान में विद्युत नगरीय वितरण खंड (वाणिज्य-2) के सहायक अभियंता (रेड) अक्षय कुमार सिंह, अवर अभियंता (रेड) दिलीप यादव और अवर अभियंता (रेड) अखिलेश कुमार सरोज की टीम शामिल रही। टीम ने हाईलॉस फीडर रामपुरम के क्षेत्र खालापार में घर-घर और परिसरों की सघन जांच की। जांच के दौरान 12 उपभोक्ताओं द्वारा मीटर की केबल में कट लगाकर कुल 28 किलोवाट विद्युत भार की चोरी किए जाने का खुलासा हुआ। मीटर से छेड़छाड़ कर विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज खपत से अलग तरीके से बिजली का उपयोग किए जाने के मामले सामने आने के बाद टीम ने मौके पर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।0इसी कार्रवाई के दौरान एक अन्य परिसर में ईवी चार्जिंग के लिए सीधे विद्युत लाइन से बिजली चोरी किए जाने का मामला भी सामने आया, जिसमें 6 किलोवाट विद्युत भार की चोरी करने का खुलासा किया गया। इस अभियान में टीम ने हाईलॉस फीडर रामपुरम क्षेत्र के खालापार से कुल 34 किलोवाट विद्युत भार पकड़ा है। पहले बिजली चोरी घरेलू उपकरणों के लिए की जाती थी मगर अब बिजली चोरी का तरीका अब केवल घरेलू उपकरणों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए भी अवैध कनेक्शन का इस्तेमाल किए जाने का मामला विभागीय जांच में सामने आया है।
विद्युत विभाग ने साफ कर दिया है कि हाईलॉस फीडरों पर बिजली चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। चोरी पकड़ने के बाद केवल कनेक्शन काटने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विद्युत अधिनियम-2003 की सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। हाल के अभियानों में भी विभाग द्वारा मीटर केबल से छेड़छाड़ और अवैध विद्युत उपभोग के मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभाग ने उपभोक्ताओं को चेतावनी दी है कि बिजली चोरी गंभीर दंडनीय कृत्य है। मीटर की केबल में कट लगाना, मीटर से छेड़छाड़ करना या सीधे लाइन से बिजली लेना भारी पड़ सकता है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि केवल अधिकृत कनेक्शन के माध्यम से ही विद्युत का उपयोग करें और बिजली के बिल का समय से भुगतान करें, ताकि विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
