डीजे की ऊंचाई, ध्वनि सीमा और सुरक्षा मानकों पर स्पष्ट निर्देश, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। सावन की पावन बेला में हर-हर महादेव के जयघोष के बीच निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में जिले के सभी डीजे संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे संचालन से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों और नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई।
गोष्ठी में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भक्ति का महापर्व है। ऐसे में यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है बल्कि श्रद्धालुओं के जीवन के लिए भी खतरा बन सकती है। इसी उद्देश्य से डीजे संचालकों को शासन और उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीजे की निर्धारित ऊंचाई, ध्वनि सीमा तथा अन्य तकनीकी मानकों पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि अधिक ऊंचाई वाले डीजे हाईटेंशन बिजली लाइनों की चपेट में आ सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा विशाल आकार के डीजे राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यातायात को बाधित करने के साथ-साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में भी रुकावट पैदा कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि भोले बाबा के भक्तों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर जोखिम नहीं उठाया जाएगा।
गोष्ठी में मौजूद सभी डीजे संचालकों से शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने का शपथ-पत्र भी भरवाया गया। उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि यात्रा के दौरान निर्धारित ऊंचाई से अधिक डीजे लगाए गए, ध्वनि प्रदूषण फैलाया गया या किसी अन्य नियम का उल्लंघन किया गया तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने डीजे संचालकों से आह्वान किया कि वे इस पवित्र यात्रा को सेवा और श्रद्धा का माध्यम मानते हुए पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले प्रत्येक शिवभक्त की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का पालन ही वह संकल्प है जो लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को सुरक्षित रखेगा और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, अनुशासित तथा दुर्घटनामुक्त बनाएगा। गोष्ठी में सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, क्षेत्राधिकारी सदर राजू कुमार साव, कांवड़ सेल प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र यादव, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर बृजेश शर्मा सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि “भोले बाबा के भक्तों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी सेवा है” और इसी संकल्प के साथ कांवड़ यात्रा-2026 को सफल, सुरक्षित और श्रद्धामय बनाने की तैयारियां निरंतर जारी हैं।
