देहरादून, 12 जुलाई । परेड ग्राउंड में आयोजित छठे लोक संवर्धन पर्व के दूसरे दिन रविवार को प्रसिद्ध बॉलीवुड एवं पंजाबी गायिका ज्योति नूरां की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने पारंपरिक शिल्प, क्षेत्रीय व्यंजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
केन्द्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में देशभर के कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन का मंच उपलब्ध कराया गया है। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉलों पर हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक शिल्प और क्षेत्रीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए। मास्टर कारीगरों ने लाइव क्राफ्ट प्रदर्शन के माध्यम से आगंतुकों को पारंपरिक शिल्पकला से भी परिचित कराया। फूड कोर्ट में उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी एवं कुमाऊंनी व्यंजनों के साथ देश के विभिन्न राज्यों के व्यंजन भी आकर्षण का केंद्र रहे।
महोत्सव के दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों और वयस्कों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के परिणाम समापन दिवस पर घोषित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) की ओर से आयोजित ज्ञान सत्र में कारीगरों और उद्यमियों को उद्यमिता विकास, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और बाजार से जुड़ाव के संबंध में जानकारी दी गई। राज्य प्रमुख बीरेंद्र सिंह सजवाण और शैलेश रावत ने प्रतिभागियों को व्यवसाय विस्तार के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व कारीगरों को बाजार से जोड़ने और पारंपरिक शिल्प को प्रोत्साहन देने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। निगम की निदेशक दीप्ति सिंह ने कहा कि यह आयोजन शिल्प, संस्कृति और नवाचार का साझा मंच है, जो कारीगरों को नए अवसर उपलब्ध करा रहा है।
शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत लोकगायक नरेश बादशाह की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद ज्योति नूरां ने ‘पटाखा गुड्डी’, ‘वारी जावां’, ‘तेरा नूर’ और ‘पांव की जुत्ती’ सहित कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
आयोजकों के अनुसार, महोत्सव 15 जुलाई तक प्रतिदिन प्रातः 11:30 बजे से रात्रि 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। 13 जुलाई की सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकार किशन महिपाल, विवेक नौटियाल और माया उपाध्याय अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
