पुलिस-राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप, कार्रवाई न होने पर 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। जिले में कथित भ्रष्टाचार और किसानों की अनदेखी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को भाकियू के पदाधिकारी बड़ी संख्या में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचे और विभिन्न जनसमस्याओं तथा कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी ने पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एसएसपी कार्यालय पहुंचे भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि जिले के कई थाना और चौकी क्षेत्रों से किसानों एवं आम नागरिकों की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। संगठन का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण और कार्रवाई के नाम पर अवैध धन उगाही की जा रही है। कई मामलों में फरियादियों को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। भाकियू नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने अपने आरोपों से संबंधित कुछ कथित साक्ष्य भी प्रशासन को उपलब्ध कराए हैं। उनका कहना है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी ने कहा कि हाल ही में संगठन की मासिक बैठक में किसानों ने पुलिस के साथ-साथ राजस्व विभाग के खिलाफ भी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। किसानों का आरोप है कि वारिस नामा तैयार करने, खतौनी में नाम दर्ज कराने, भूमि अभिलेखों में संशोधन कराने और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अवैध धनराशि की मांग की जाती है।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में जानबूझकर रिकॉर्ड में त्रुटियां छोड़ी जाती हैं और बाद में उन्हें ठीक करने के नाम पर किसानों से मोटी रकम वसूली जाती है। इससे किसान आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान हैं। चौधरी नवीन राठी ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों और आम जनता के साथ हो रहे कथित शोषण को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते शिकायतों का समाधान नहीं किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि भाकियू हमेशा किसानों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
8 जुलाई से सदर तहसील में अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान
भाकियू ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए घोषणा की कि यदि शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 8 जुलाई से सदर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन जिले में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार और किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर होगा।
भाकियू नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने प्रशासन से पारदर्शी जांच कर दोषियों को चिन्हित करने और जनता का भरोसा बहाल करने की मांग की है।
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
वहीं, एसएसपी कार्यालय की ओर से भाकियू प्रतिनिधिमंडल को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है। अब जिलेभर के किसानों और आम नागरिकों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में मुजफ्फरनगर में किसान आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
