सुजीत कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। भारत के उपराष्ट्रपति और उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ ने सुजीत कुमार का इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया।

बता दें कि नवीन पटनायक की अगुवाई वाली बीजू जनता दल (बीजेडी) ने कथित “पार्टी विरोधी गतिविधियों” के लिए सुजीत कुमार को पार्टी से हाल ही में निष्कासित कर दिया था। निष्कासन के बाद सुजीत कुमार केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए।

नवीन पटनायक ने एक आदेश जारी कर कहा कि सुजीत कुमार को तत्काल प्रभाव से बीजद से निष्कासित कर दिया गया है। पटनायक ने सुजीत कुमार पर पार्टी को धोखा देने का आरोप लगाया। पटनायक ने कहा, ‘उन्होंने पार्टी को निराश किया है, जिसने उन्हें राज्यसभा भेजा और कालाहांडी जिले के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को भी ठेस पहुंचाई है।’
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमार के राज्यसभा से इस्तीफे की पुष्टि की। बलूनी ने बताया कि सुजीत कुमार उच्च सदन में अपने पद से इस्तीफा देने के बाद आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल हो गए हैं।

बीजेपी ज्वाइन करने के बाद सुजीत कुमार ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं। वह हमेशा पूर्वी भारत के विकास को सुनिश्चित करने में बहुत सक्रिय रहे हैं। यह इलाका अब तक देश के अन्य राज्यों की तुलना में थोड़ा पिछड़ा हुआ था।

ओडिशा से उनका विशेष लगाव है। ओडिशा 2036 में अपने गठन के 100 साल पूरे करेगा। ओडिशा में सीएम मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद से ही इसे विकसित बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मैं उनके साथ जुड़ पाया।

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