–मंडी समिति बिजलीघर की कटौती से अलमासपुर समेत पूरे इलाके में उबाल
–हीट वेव के अलर्ट के बीच घंटों गुल हो रही बिजली, घरों में कैद लोग सड़कों और गेटों पर बैठने को मजबूर
मुजफ्फरनगर। एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों का जीना मुश्किल कर रहे हैं और जिला प्रशासन लगातार हीट वेव को लेकर लोगों से घरों में रहने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ मंडी समिति बिजलीघर की लापरवाही और मनमानी ने अलमासपुर समेत आसपास के गांवों, कॉलोनियों और मोहल्लों के लोगों का सब्र तोड़ दिया है। आरोप है कि हर रोज दोपहर के समय घंटों बिजली काटी जा रही है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का घरों में रहना तक दूभर हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तापमान अपने चरम पर होता है और लोग गर्मी से बचने के लिए कूलर, पंखों और पानी के सहारे घरों में रहने की कोशिश करते हैं, ठीक उसी समय बिजली विभाग कटौती कर पूरे इलाके को “भट्टी” बना देता है। हालत यह हो गई है कि महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे घरों के अंदर दम घुटने जैसी स्थिति में पहुंच जाते हैं और मजबूर होकर लोग अपने घरों के गेट, गलियों और सड़कों पर बैठने को विवश हो जाते हैं।
घर में रहो” की अपील और बिजली काटो की नीति से जनता परेशान
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि एक ओर जिला प्रशासन हीट वेव से बचाव के लिए लगातार अलर्ट जारी कर रहा है, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, लेकिन दूसरी ओर बिजली विभाग की कार्यशैली प्रशासन की मंशा पर ही पानी फेरती नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि यदि दोपहर के सबसे खतरनाक समय में ही बिजली काट दी जाएगी तो आखिर लोग घरों में कैसे रहेंगे?
ग्रामीणों और कॉलोनीवासियों का आरोप है कि मंडी समिति बिजलीघर के अंतर्गत आने वाले कई गांवों और मोहल्लों में यह समस्या अब रोज की कहानी बन चुकी है। कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग न तो कोई पूर्व सूचना देता है और न ही कटौती का समय तय है, जिससे आम जनता बेहाल हो रही है। भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। कई घरों में पानी की मोटरें बंद होने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। लोगों का कहना है कि दोपहर में बिजली गुल होते ही घर “तंदूर” जैसे हो जाते हैं और सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।