पिछले दिनों अमेरिका की तरफ से 2 ग्रुप में अवैध भारतीय प्रवासी को भारत डिपोर्ट किया गया था। अमेरिका से डिपोर्ट हुए कई भारतीयों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने यूएस जाने के लिए ट्रैवल एजेंट को लाखों रुपये दिए हैं, कई मामलों में ये पैसे करोड़ों तक पहुंच गए। इतना खर्चा करने के बाद भी उन्हें अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया। इस बीच दिल्ली के IGI इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पंजाब के ट्रैवल एजेंट अमित अरोड़ा उर्फ रचित अरोड़ा को पकड़ा गया है।

गैर-कानूनी ट्रैवल हिस्ट्री हाइडिंग

एयरपोर्ट की टीम ने एजेंट रचित अरोड़ा को गिरफ्तार किया है। एजेंट रचित अरोड़ा अमेरिका (USA) जाने वाले लोगों के लिए इलीगल ट्रैवल को ऑर्गेनाइज करने का काम करता था। रचित लोगों को कई देशों से होकर गुजरने वाले ‘डोनकी रूट’ से अमेरिका पहुंचाता था। इसके लिए वह यात्री के पासपोर्ट में नकली वीजा और इमिग्रेशन स्टाम्प लगवाने का काम भी करता था। इससे उस यात्री के नाम गैर-कानूनी ट्रैवल हिस्ट्री छिप जाती थी।

पहले से दर्ज है 10 मामले

पुलिस के अनुसार रचित अरोड़ा एक आदतन अपराधी है। रचित के खिलाफ चंडीगढ़ में पहले से ही वीजा और पासपोर्ट धोखाधड़ी को लेकर 10 मामले दर्ज हैं। पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है ताकि एजेंटों की इस चेन को तोड़ा जा सके। इसके लिए पुलिस उनके बैंक खातों और बाकी मामलों की जांच कर रही है।

बता दें कि IGI इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पुलिस ने वीजा और पासपोर्ट धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल 108 एजेंटों को गिरफ्तार किया है।

क्या है डंकी रूट्स?

डंकी रूट एक तरह का इलीगल रूट है, जिसका ज्यादातर इस्तेमाल मानव तस्करी के लिए किया जाता है। इसमें एक देश से दूसरे देश में प्रवासियों, शरणार्थियों या श्रमिकों की आवाजाही शामिल है। पिछले साल 2024 में डंकी रूट्स में शामिल 21 एजेंटों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं नकली वीजा मामलों में शामिल 19 एजेंटों को गिरफ्तार किया गया था।

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