इस फैसले से पंचायत समितियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की शक्तियों में कटौती होगी, जिनमें से अधिकतर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) के नियंत्रण में हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस फैसले से नए राजनीतिक विवाद के छिड़ने की आशंका है।

यह निर्णय बैठक में मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित कुल पांच प्रस्तावों में से एक था। अन्य फैसलों में भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में 8,179 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक नए शहर की स्थापना को मंजूरी देना शामिल है।

मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने बताया कि पंचायत समिति के कार्यों के बिल को मंजूरी देने के लिए बीडीओ का वित्तीय अधिकार दो लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है और इसके लिए खंड-स्तरीय स्थानीय निकायों के अध्यक्षों के प्रतिहस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी।

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