क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह आंख खुलते ही जब आप बिस्तर से पहला कदम नीचे रखते हैं तो एड़ी में असहनीय दर्द होता है? ऐसा दर्द जो कुछ मिनटों के लिए चलना-फिरना भी मुहाल कर देता है। अगर हां, तो सावधान हो जाइए। इसे मामूली कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज करने की गलती भारी पड़ सकती है। मेडिकल साइंस के अनुसार सुबह-सुबह होने वाला यह तेज दर्द एक खास बीमारी का शुरुआती लक्षण है जिसे ‘प्लांटार फैसीआइटिस’ (Plantar Fasciitis) कहा जाता है।
हमारे पैर के तलवे में एड़ी की हड्डी से लेकर पंजे की उंगलियों तक एक मजबूत और मोटी टिशू (उत्तक) की पट्टी होती है जिसे प्लांटार फैशिया कहते हैं। यह पट्टी चलते, कूदते या दौड़ते समय हमारे पैरों के लिए एक शॉक एब्जॉर्बर (झटका रोकने वाले स्प्रिंग) की तरह काम करती है। जब इस पट्टी पर लगातार जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है तो इसमें बारीक कट लग जाते हैं और सूजन आ जाती है।

क्यों होता है सुबह दर्द और क्या हैं कारण?
रात को सोते समय हमारे पैर पूरी तरह आराम की मुद्रा में होते हैं जिससे यह टिशू सिकुड़ जाता है। सुबह उठकर जैसे ही हम जमीन पर पैर रखते हैं इस सिकुड़े हुए टिशू पर अचानक पूरा वजन पड़ता है और यह दोबारा तेजी से खिंच जाता है। यही वजह है कि सुबह का पहला कदम सुई चुभने जैसा दर्द देता है।

इन 4 कारणों से घेरती है यह बीमारी
एड़ियों में सूजन और दर्द बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से ये वजहें जिम्मेदार होती हैं:
बढ़ता वजन (Obesity): शरीर का अत्यधिक मोटापा सीधे तौर पर एड़ियों पर एक्स्ट्रा दबाव डालता है।
गलत फुटवियर: बहुत पतले तलवे वाले, फ्लैट या बिना सपोर्ट वाले चप्पल-जूते पहनने से तलवों को नुकसान पहुंचता है।

घंटों खड़े रहना: अगर आपका काम ऐसा है जिसमें आपको लगातार कई घंटों तक खड़े रहना पड़ता है तो यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।
पोषक तत्वों की कमी: शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने, हड्डियां कमजोर होने या विटामिन-डी की कमी से भी यह समस्या गंभीर हो जाती है।

राहत पाने के 4 आसान घरेलू उपाय
अगर दर्द अभी शुरुआती चरण में है तो आप इन आसान तरीकों से राहत पा सकते हैं। दिन में 2 से 3 बार अपनी एड़ी पर 15 मिनट के लिए बर्फ से सिकाई करें। इससे सूजन तेजी से कम होगी। सुबह बिस्तर से पैर नीचे रखने से पहले अपने पंजों और उंगलियों को आगे-पीछे की तरफ थोड़ा स्ट्रेच (खिंचाव) करें।
इससे टिशू अचानक नहीं खिंचेगा। हमेशा सॉफ्ट कुशन (गद्देदार) वाले फुटवियर ही पहनें। ध्यान रखें कि घर के अंदर भी नंगे पैर चलने से बचें। यदि यह दर्द घरेलू उपायों के बाद भी कई दिनों तक लगातार बना रहता है, तो तुरंत किसी आर्थोपेडिक (हड्डी रोग विशेषज्ञ) डॉक्टर से संपर्क करें।
