पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने भारत और पाकिस्तान के रिश्ते को लेकर बड़ा खुलासा किया हैं। उन्होंने अपनी किताब ‘मेमोयर्स ऑफ ए मेवरिक- द फर्स्ट फिफ्टी इयर्स (1941-1991) में लिखा है कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन नहीं है। वहां के लोग भारत से प्यार करते है न कि दुश्मनी।

इसके साथ ही उन्होंने अपनी किताब में ये भी लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी को छोड़ कर भारत के सभी प्रधानमंत्रियों ने पाकिस्तान के लोगों से बात करने की कोशिश की। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि भारत तब तक दुनिया में अपना उचित स्थान नहीं ले पाएगा, जब तक उसका पश्चिमी पड़ोसी ‘हमारे जी का जंजाल’ बना रहेगा

कांग्रेस नेता ने अपनी आत्मकथा “मेमोयर्स ऑफ ए मेवरिक- द फर्स्ट फिफ्टी इयर्स (1941-1991) में अपने पाकिस्तान कार्यकाल को एक पूरा अध्याय समर्पित किया है। बता दें कि अय्यर ने दिसंबर 1978 से जनवरी 1982 तक कराची में भारत के महावाणिज्य दूत के रूप में कार्य किया है।

अय्यर ने बताया, ‘‘पाकिस्तान में बतौर राजनयिक तैनाती के पहले 2-3 हफ्तों के भीतर हम एक दिन रात्रिभोज से वापस आ रहे थे, उस समय मेरी पत्नी सुनीता ने मुझसे एक सवाल पूछा कि ‘यह एक दुश्मन देश है? यह सवाल कराची में रहने के दौरान मेरे में दिमाग गूंजता रहा।

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा मैंने वहां अपने तीन वर्षों के दौरान खुद से यह सवाल पूछा। पाकिस्तान से वापस आने के बाद पिछले 40 वर्षों में मैं खुद से यह सवाल पूछता रहा। मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि वहां की सेना या राजनीतिक व्यवस्था के किसी भी वर्ग का दृष्टिकोण कुछ भी हो, जहां तक पाकिस्तान के लोगों का सवाल है, वे न तो दुश्मन देश हैं और न ही वे भारत को दुश्मन देश मानते हैं।

अय्यर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से भारत और पाकिस्तान के बीच सभी बातचीत बंद है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले लगभग हर प्रधानमंत्री, अगर उनके पास समय होता, तो पाकिस्तानियों के साथ किसी न किसी तरह की बातचीत का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अब हम एक ठहराव की स्थिति में हैं और इस रोक के शिकार केवल जनता है। बातचीत न करने से पाक सेना का कुछ नहीं बिगड़ रहा है, बल्कि वहां के लोग शिकार बन रहे हैं। वहां के लोगों के रिश्तेदार बड़ी संख्या में भारत में रहते हैं और उनमें से कई हमारे देश की यात्रा करने की इच्छा रखते हैं, जो वो अब नहीं कर पा रहे हैं।

साल 1989 में भारतीय विदेश सेवा छोड़ने वाले पूर्व राजनयिक अय्यर ने कहा कि हम पाकिस्तानी लोगों को क्यों निशाना बना रहे हैं? आप चाहें तो पाकिस्तानी प्रतिष्ठान को निशाना बना सकते हैं, लेकिन जहां तक लोगों का सवाल है, वे हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं।

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