विनय श्रीवास्तव मर्डर केस में मुख्य आरोपी मंत्री के रिश्तेदार अंकित वर्मा के खिलाफ एक ठोस सबूत की पुष्टि हुई है। फोरेंसिक जांच से खुलासा हुआ है कि पिस्टल पर अंकित का फिंगरप्रिंट है। इसके अलावा एक और व्यक्ति का फिंगरप्रिंट मिला है।
केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर के बेटे विकास किशोर की लाइसेंसी पिस्टल पर आरोपी अंकित वर्मा की अंगुलियों के निशान मिले हैं। घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने पिस्टल से फिंगर प्रिन्ट के सेंपल लिये थे। ये नमूने अंकित के फिंगर प्रिन्ट से ‌मिल गये हैं। फोरेंसिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हत्या में इस्तेमाल पिस्टल पर एक और युवक के फिंगर प्रिंट मिले हैं।

माना जा रहा है कि ये निशान अजय रावत के है। मंत्री के घर की फुटेज में अजय रावत तकिया के नीचे से पिस्टल निकालते हुए दिख रहा है। हालांकि, इस फुटेज की पत्रिका पुष्टि नहीं करता है। विनय श्रीवास्तव की हत्या के बाद उसके घर वाले और पुलिस मौके पर पहुंची थी तो खून से लथपथ शव के पास ही विकास किशोर की लाइसेंसी पिस्टल पड़ी मिली थी। एक सितम्बर की रात में ही जेसीपी क्राइम आकाश कुलहरि ने दावा किया था कि विनय को गोली अंकित वर्मा ने मारी थी।

उसके साथ मारपीट के समय अजय रावत और शमीम भी थे। इन तीनों को ही जेल भेजा गया था। अंकित ने पुलिस अफसरों के सामने कुबूला था कि हत्या से कुछ देर पहले ही सौरभ व अरुण उर्फ बंटी घर से चले गये थे। विनय की गोली लगने से मौत होने पर अंकित ने इन दोनों को फिर बुला लिया था। एडीसीपी ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट के आधार पर कुछ तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

सपा के प्रतिनिधिमंडल ने विनय श्रीवास्तव के फरीदीपुर स्थित घर पहुंच कर घटना से संबंधित जानकारी ली। प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा, सपा प्रवक्ता दीपक रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार विनय हत्याकांड की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराए। दोषी बचें नहीं और किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो। इसके अलावा मृतक परिवार को सरकार उचित मुआवजा दे। इस मौके पर सोनू कनौजिया, जिला अध्यक्ष जयसिंह जयंत सहित कई लोग मौजूद रहे।

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