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जकार्ता (इंडोनेशिया), 15 अगस्त । इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के तट पर शनिवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप से इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। सो रहे लोग घबराकर उठे और घरों से बाहर निकल गए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, इस दौरान कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 6 बजे पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में एंडे से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में आया। इसके बाद कई आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) महसूस किए गए। राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने बताया कि शुरुआत में इससे सुनामी आने की आशंका थी। इसके चलते चेतावनी जारी की गई । बाद में उसे हटा लिया गया।

जकार्ता ग्लोब और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लोरेस द्वीप के तटीय इलाके ईस्ट नुसा तेंगारा में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से मंग्गाराई रीजेंसी के वेस्ट सिबल जिले के लेंडा गांव में एक घर तबाह हो गया। भूकंप के तेज झटकों से कई इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचा है।भूकंप का केंद्र ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत में एंडे से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बताया गया है। इसके बाद कई झटके (आफ्टरशॉक्स) महसूस किए गए।

भूकंप का सर्वाधिक असर तालिबुरा गांव, सिक्का, पूर्वी नुसा तेंगारा में देखा गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज की गई। भूकंप से कई इलाकों में घरों और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे और इंडोनेशियाई अधिकारियों के अनुसार, इंडोनेशिया की राष्ट्रीय भू-भौतिकी एजेंसी ने तत्काल सुनामी की चेतावनी जारी की। इसे बाद में हटा लिया गया। लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने और समुद्र तटों और तटीय इलाकों से दूर रहने के लिए आगाह किया गया।

फ्लोरेस द्वीप इंडोनेशिया का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह द्वीपअपनी रंग-बिरंगी ज्वालामुखी झीलों और कोमोडो नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। यहां की लगभग 20 लाख की आबादी मुख्य रूप से छोटे गांवों में फैली हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इमारतें गिरती हुई और घबराए हुए लोग भागते और चिल्लाते हुए नजर आ रहे हैं। 17,000 से अधिक द्वीपों का समूह होने के कारण इंडोनेशिया भूगर्भीय गतिविधियों के लिए संवेदनशील है। इंडोनेशिया में अतीत में कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं। 2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर 9.1 तीव्रता का भूकंप आ चुका है। इस आपदा में 2,20,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

अगस्त 2018 में लोम्बोक द्वीप पर 6.9 तीव्रता का भूकंप आने से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। उसी साल सितंबर में सुलावेसी द्वीप पर 7.5 तीव्रता का भूकंप और सुनामी आई, जिसमें सैकड़ों और लोगों की जान चली गई। नवंबर 2022 में पश्चिमी जावा के सियानजुर इलाके में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई।

By editor

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